शाजापुर : पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू समाज पर हो रहे लगातार हमलों और एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को जिंदा जलाए जाने की दिल दहला देने वाली घटना के विरोध में शाजापुर में हिंदू समाज का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। गुरुवार शाम को सर्व हिंदू समाज के बैनर तले शहर में मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
मशाल यात्रा से जताया विरोध
प्रदर्शन की शुरुआत फव्वारा चौराहे से हुई, जहां बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग हाथों में मशालें लेकर एकत्रित हुए। ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों के साथ मशाल जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों—नई सड़क, बड़ा चौक, छोटा चौक, सोमवारिया बाजार और मगरिया—से होता हुआ पुनः फव्वारा चौराहे पर पहुंचा।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
मशाल जुलूस के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें पूरी तरह तैनात रहीं। पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।
पुतला दहन कर जताई नाराजगी
मशाल जुलूस के समापन के बाद प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के वर्तमान शासक का पुतला दहन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही घटनाएं न केवल धार्मिक उत्पीड़न हैं, बल्कि यह पूरी मानवता के खिलाफ अपराध है।
केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से मांग की कि वह इस मामले में कूटनीतिक स्तर पर सख्त कदम उठाए और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराए।













