बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एसडीएम और अन्य तीन लोगों द्वारा कथित मारपीट से बुजुर्ग की मौत के मामले में नया अपडेट सामने आया है। प्रशासन की ओर से मृतक रामनरेश लकड़ा के बेटे सिलमन लकड़ा को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके। परिजन आज सुबह शवगृह पहुंचकर शव प्राप्त करेंगे और गांव ले जाकर अंतिम संस्कार करेंगे।
प्रदर्शन के बीच दी गई सहायता राशि
सिलमन लकड़ा ने बताया कि कुसमी में सड़क पर प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने नगद एक लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई। परिवार को भरोसा दिलाया गया है कि कोर्ट की प्रक्रिया के माध्यम से अतिरिक्त मुआवजा भी दिलाया जाएगा। वहीं परिजनों ने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार रामनरेश लकड़ा अपने खेत से लौट रहे थे, तभी एसडीएम करुण डहरिया और अन्य तीन लोगों द्वारा कथित रूप से उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना में रामनरेश की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज कुसमी अस्पताल में जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
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गरीबी में गुजर-बसर कर रहा था परिवार
मृतक का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। खेती-किसानी और मजदूरी के सहारे घर चल रहा था। परिवार में तीन बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें बेटियों की शादी हो चुकी है। दो बेटे रोजगार की तलाश में चेन्नई में मजदूरी कर रहे थे, जिन्हें घटना की सूचना देकर गांव बुलाया गया है।
न्याय और कार्रवाई पर टिकी उम्मीदें
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। परिवार को उम्मीद है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें उचित मुआवजा व सहायता मिलेगी।













