Baidhan Assault Case : सिंगरौली (बैढ़न): सिंगरौली जिला मुख्यालय बैढ़न में कानून-व्यवस्था और पुलिस की साख को लेकर नई बहस छिड़ गई है। 14 जनवरी को गनियारी क्षेत्र में हुई मारपीट के मामले में फरार मुख्य आरोपी सत्यम सिंह और उसके दो अन्य अज्ञात साथियों पर पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने 10 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस रेगुलेशन के तहत थाना प्रभारी के प्रस्ताव पर की गई है, लेकिन पीड़ित पक्ष पुलिस की मंशा पर ही सवाल उठा रहा है।
क्या है पूरा मामला? गनियारी निवासी कमलेश सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14 जनवरी को आरोपी सत्यम सिंह और उसके साथियों ने उनके और भास्कर मिश्रा के साथ गाली-गलौज करते हुए प्राणघातक हमला किया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं (296-बी, 115, 351, 331, 324, 3/5) के तहत अपराध क्रमांक 43/2026 दर्ज किया था।
इनाम की घोषणा और पुलिस का रुख: घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी जब आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आए, तो एसपी मनीष खत्री ने पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 80(ब)(1) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए इनाम की घोषणा की। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बारे में सटीक सूचना देने वाले या उन्हें पकड़वाने में मदद करने वाले व्यक्ति को ₹10,000 का पुरस्कार दिया जाएगा और सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
पीड़ितों का आक्रोश और मिलीभगत के आरोप: इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पीड़ित कमलेश सोनी और भास्कर मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस ने आरोपियों को जानबूझकर फरार होने का मौका दिया है। यदि शुरुआती जांच में तत्परता दिखाई जाती, तो आरोपियों को अब तक सलाखों के पीछे होना चाहिए था। पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित गिरफ्तारी की मांग की है।













