Bacheli News: फकरे आलम /बचेली/दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एनएमडीसी बचेली परियोजना के गेट पर 12 ग्राम पंचायतों के बेरोजगार युवाओं ने 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। युवाओं की प्रमुख मांग L1 और L2 भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने तथा स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी में प्राथमिकता देने की है। प्रदर्शन में ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनपद सदस्य, ग्रामीण और बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा शामिल हुए।
डेढ़ से दो साल बाद भी भर्ती प्रक्रिया अधूरी
प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि उन्होंने करीब डेढ़ से दो साल पहले L1 और L2 भर्ती के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में निराशा बढ़ रही है। कुछ युवाओं का कहना है कि भर्ती में देरी के कारण उनकी उम्र भी निकलती जा रही है, जिससे भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता देने की मांग
धरना दे रहे युवाओं की मांग है कि एनएमडीसी में होने वाली भर्ती में स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता दी जाए और लंबित भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर पहले भी राजनीतिक दलों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने एकदिवसीय धरना दिया था तथा प्रबंधन को ज्ञापन सौंपे थे। इसके बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं होने के कारण अब अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया गया है।
सुबह 4 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन, कर्मचारियों की आवाजाही प्रभावित
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन सोमवार सुबह करीब 4 बजे शुरू हुआ। सुबह 6 बजे की पाली में ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारियों को अंदर प्रवेश नहीं मिल सका। इसके चलते कुछ अधिकारी और कर्मचारी गेस्ट हाउस में ही रुके रहे। एनएमडीसी का सामान लेकर पहुंचे कुछ वाहन भी धरना स्थल पर फंसने की जानकारी सामने आई है।
प्रदर्शन के कारण उत्पादन और कामकाज पर कितना असर पड़ा है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, कर्मचारियों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से परियोजना के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
शाम 5 बजे तक प्रबंधन से नहीं हुई बातचीत
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, सोमवार शाम 5 बजे तक एनएमडीसी प्रबंधन और धरना दे रहे लोगों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई थी। युवाओं ने मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
Bacheli News: अब देखना होगा कि एनएमडीसी प्रबंधन लंबित भर्ती प्रक्रिया और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग पर क्या कदम उठाता है। फिलहाल बेरोजगार युवाओं का धरना जारी है और सभी की नजर प्रबंधन के अगले निर्णय पर टिकी है।


