Jabalpur News: जबलपुर। शहर में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत-2 योजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्वारीघाट से रांझी क्षेत्र तक माँ नर्मदा का पेयजल पहुंचाने के लिए करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से चल रहे इस महाप्रोजेक्ट पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस पार्षद दल ने योजना के क्रियान्वयन में भारी अनियमितता, लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नगर निगम प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
Jabalpur News: कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि परियोजना के तहत गोकुलदास धर्मशाला से कांचघर तक मुख्य मार्ग पर पिछले तीन से चार महीनों से लगातार खुदाई का काम चल रहा है, लेकिन इसके बाद सड़क की मरम्मत और बहाली का कार्य नहीं किया गया। परिणामस्वरूप क्षेत्र की जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश शुरू होने के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। कई स्थानों पर कीचड़, जलभराव और दलदल जैसी परिस्थितियां बन गई हैं, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
Jabalpur News: स्थानीय लोगों का कहना है कि अधूरी खुदाई और अव्यवस्थित निर्माण कार्य के कारण रोजाना दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं व्यापारियों का आरोप है कि सड़क खराब होने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे उनके कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।
Jabalpur News: मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने नगर निगम प्रशासन और नगर सत्ता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि करीब दो महीने पहले महापौर और नगर निगम आयुक्त ने क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया था। उस दौरान अधिकारियों ने 24 घंटे के भीतर सड़क बहाली और सुधार कार्य शुरू करने का दावा किया था, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को सिर्फ आश्वासन दिए गए, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
Jabalpur News: कांग्रेस पार्षदों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और परियोजना से जुड़े अधिकारियों तथा प्रोजेक्ट मैनेजर को बुलाकर नाराजगी जताई। पार्षदों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से चल रही योजना में गुणवत्ता और कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो यह परियोजना आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनती रहेगी।
Jabalpur News: कांग्रेस पार्षद दल ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि के भीतर सड़क का सुदृढ़ीकरण, मरम्मत और आम नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो वे प्रभावित स्थल पर आमरण अनशन शुरू करेंगे। पार्षदों ने कहा कि वे जनता की समस्याओं को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
Jabalpur News: इस मुद्दे को लेकर शहर की राजनीति भी गरमा गई है। एक ओर कांग्रेस परियोजना में भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर नगर निगम प्रशासन पर जनता के हितों की अनदेखी करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन अगले 48 घंटों में क्या कदम उठाता है और जनता को राहत दिलाने के लिए क्या व्यवस्था करता है।

