Amit Shah Bharat Taxi Launchनई दिल्ली (23 फरवरी 2026): दिल्ली में टैक्सी ड्राइवरों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद के दौरान केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने “भारत टैक्सी” के दूरगामी फायदों पर चर्चा की। 5 फरवरी को लॉन्च हुए इस प्लेटफॉर्म को देश का पहला ‘कोऑपरेटिव-बेस्ड राइड-हेलिंग’ प्लेटफॉर्म बताया गया है। शाह ने जोर देकर कहा कि इस मॉडल का उद्देश्य निजी कंपनियों के 30% कमीशन वाले “शोषणकारी” ढांचे को खत्म करना है।
अमीर नहीं, ड्राइवर बनेंगे मालिक
निजी कैब एग्रीगेटर्स (Ola-Uber आदि) पर कटाक्ष करते हुए अमित शाह ने कहा, “बड़ी कंपनियों का एकमात्र लक्ष्य अपने मालिकों को अमीर बनाना होता है। लेकिन भारत टैक्सी की सोच अलग है। यहां जो मेहनत कर रहा है, फायदा भी उसी को मिलना चाहिए। निजी कंपनियों में आपकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा कट जाता था, लेकिन भारत टैक्सी में आप खुद मालिक हैं।”
निवेश और लाभ का गणित
अमित शाह ने ड्राइवरों को भारत टैक्सी से जुड़ने की प्रक्रिया और भविष्य के मुनाफे का खाका समझाया:
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नाममात्र निवेश: इस प्लेटफॉर्म का हिस्सा बनने के लिए चालक को केवल 500 रुपये का निवेश करना होगा।
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निश्चित किराया: ड्राइवरों को उनकी हर ट्रिप के लिए तत्काल और निश्चित किराया मिलता रहेगा।
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3 साल का धैर्य: शाह ने कहा कि शुरुआत के 3 साल कंपनी को मजबूत करने में लगेंगे। इसके बाद होने वाले मुनाफे का वितरण किया जाएगा।
मुनाफे का बंटवारा कैसे होगा?
गृह मंत्री ने एक उदाहरण के जरिए समझाया, “मान लीजिए 3 साल बाद भारत टैक्सी 25 करोड़ रुपये कमाती है। इस मुनाफे का 20% हिस्सा (5 करोड़) कंपनी की पूंजी के रूप में जमा रहेगा, जबकि 80% हिस्सा (20 करोड़) उन चालकों के खाते में वापस आएगा, जिन्होंने जितनी अधिक किलोमीटर टैक्सी चलाई होगी। यानी आप जितना काम करेंगे, साल के अंत में मुनाफे में आपकी हिस्सेदारी उतनी ही बड़ी होगी।”
बिचौलियों की छुट्टी
भारत टैक्सी का मुख्य उद्देश्य तकनीक और सहकारिता के मेल से ड्राइवरों को बिचौलियों के चंगुल से मुक्त कराना है। यह पहल न केवल ड्राइवरों की आर्थिक स्थिति सुधारेगी, बल्कि ग्राहकों को भी किफायती दरों पर बेहतर सेवाएं प्रदान करेगी।
भारत टैक्सी: एक नज़र में
| विवरण | मुख्य बिंदु |
| मॉडल | सहकारी (Cooperative Based) |
| पंजीकरण शुल्क | ₹500 |
| मुख्य लाभ | मुनाफे में 80% तक की हिस्सेदारी |
| लक्ष्य | ड्राइवरों को बिचौलियों से मुक्त कर ‘मालिक’ बनाना |













