Akshaya Navami : रीवा। दीर्घायु और सौभाग्य की कामना के साथ रीवा में आज आंवला नवमी (अक्षय नवमी) का पर्व बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने अपने परिवार के साथ आंवले के वृक्ष के नीचे पूजा-अर्चना कर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की आराधना की।
शहर के पचमठ धाम, साहित्य कोठी कंपाउंड और अन्य धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। महिलाओं ने परंपरागत रीति से आमले के वृक्ष की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की।
Akshaya Navami : धार्मिक मान्यता के अनुसार, अक्षय नवमी हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन आमले के वृक्ष की पूजा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में आंवले को पवित्रता, सौभाग्य और दीर्घायु का प्रतीक माना गया है।
Akshaya Navami : वेदों के अनुसार, आंवला एक ऐसा वृक्ष है जो विभिन्न बीमारियों में औषधि का काम करता है। अक्षय नवमी के दिन पूजा के बाद आमले के सेवन की भी परंपरा शुरू होती है, जिसे स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
इस पर्व को लेकर पूरे रीवा शहर में आस्था और धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में परिवार सहित मंदिरों और वृक्षों के नीचे पूजा करते हुए नजर आईं।













