राजनांदगांव : आदिम जाति कल्याण विभाग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से महात्मा गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक चलने वाले आदि कर्मयोगी अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरूचि सिंह के साथ बैठक की।
सोनमणि बोरा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ जमीनी स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को सशक्त करना, उनकी नेतृत्व क्षमता बढ़ाना और ग्राम स्तर पर सरकारी सेवाओं की प्रदायगी को मजबूत करना है। अभियान के दौरान 105 आदिवासी बहुल ग्राम पंचायतों में आदि सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
जिला कलेक्टर डॉ. भुरे ने कहा कि युवाओं को आदि साथी के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा और जिला स्तर पर 7 विभागों के मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। सितंबर के प्रथम सप्ताह में प्रत्येक ब्लॉक से 5 ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
आदि कर्मयोगी अभियान के तहत प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान भी संचालित होंगे। इसमें आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र के निर्माण के साथ प्रधानमंत्री आवास, पेयजल, बिजली और सड़क जैसे 17 लाइन विभागों द्वारा सामुदायिक विकास कार्य किए जाएंगे।
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अभियान के तीन स्तर होंगे – आदि कर्मयोगी, आदि सहयोगी और आदि साथी, जिनमें सरकारी अधिकारी, युवा नेतृत्वकर्ता, शिक्षक, डॉक्टर, स्वयं सहायता समूह के सदस्य और जनजातीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसका लक्ष्य 2030 तक आदिवासी ग्रामों का समग्र विकास, बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसरों के विस्तार के माध्यम से सुनिश्चित करना है।










