ADEO exam irregularities : रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यापम द्वारा 15 जून 2025 को आयोजित सहायक विकास विस्तार अधिकारी (ADEO) परीक्षा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। परीक्षा में 28 सवालों को लेकर उठे सवालों के बाद नाराज अभ्यर्थियों ने रायपुर के तूता धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित किया जाए।
ADEO exam irregularities : क्या है विवाद?
14 जुलाई को जारी मॉडल उत्तर के अनुसार व्यापम ने 21 प्रश्नों में बदलाव किए थे, जिनमें:
12 प्रश्न विलोपित किए गए,
6 प्रश्नों में एक से अधिक उत्तर सही माने गए,
3 प्रश्नों के उत्तर संशोधित किए गए।
ADEO exam irregularities : अभ्यर्थियों का आरोप है कि इसके बावजूद कई सवाल अभी भी गलत हैं। *सेट A* के विशेषकर प्रश्न 7, 15, 18, 20, 41, 44, 46, 47, 62, 64, 65 और 87 को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई गई हैं।
ADEO exam irregularities : अभ्यर्थियों की प्रमुख आपत्तियां
ADEO exam irregularities : विलोपित प्रश्नों के बोनस अंक सभी को समान रूप से देना अन्यायपूर्ण है। जिन लोगों ने प्रयास ही नहीं किया, उन्हें भी अंक मिलना मेहनती छात्रों के साथ अन्याय है।
मल्टीपल करेक्ट आंसर नियम को वस्तुनिष्ठ परीक्षा की प्रकृति के खिलाफ बताया गया है।
कई प्रश्नों में हिंदी-अंग्रेजी अनुवाद में त्रुटियां हैं। उदाहरण के लिए प्रश्न 87 में अंग्रेजी में “December” और हिंदी में “फरवरी” लिखा गया था।
प्रश्न 18 में सरकारी वेबसाइट और पूर्व परीक्षाओं से उत्तर मेल नहीं खाते।
मुद्रण त्रुटियों जैसे “Mexican” को “Maxine” छापना, परीक्षार्थियों के भ्रम का कारण बना।
ADEO exam irregularities : क्या हैं अभ्यर्थियों की मांगें?
1. परीक्षा रद्द कर नए सिरे से आयोजन किया जाए।
2. 100% सटीक प्रश्न पत्र सुनिश्चित किया जाए।
3. गलत प्रश्नों पर कार्रवाई कर जवाबदेही तय की जाए।
4. विलोपन और बहुविकल्पीय नियम को समाप्त किया जाए।
5. मुद्रण और अनुवाद की त्रुटियों को पूरी तरह से दूर किया जाए।
6. नकारात्मक अंकन प्रणाली में सुधार किया जाए।
ADEO exam irregularities : गुस्से में अभ्यर्थी, जिम्मेदारों से जवाब की मांग
ADEO exam irregularities : करीब 2.22 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। छात्रों का कहना है कि व्यापम जैसे संस्थान से इस तरह की लापरवाही की उम्मीद नहीं थी। गलतियों की संख्या को देखते हुए, परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 21 अगस्त को व्यापम को लिखित में शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, धरना समाप्त नहीं होगा। इस पूरे मामले में अब व्यापम और सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है।













