ACB Raid Ambikapur Today : गौरी शंकर गुप्ता/अंबिकापुर (6 फरवरी 2026): सरगुजा संभाग के प्रशासनिक इतिहास में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आवास एवं पर्यावरण मंडल (छ.गृ.नि.मं.) के उपायुक्त पूनम चन्द्र अग्रवाल और वरिष्ठ सहायक अनिल सिन्हा को रंगे हाथ दबोच लिया है।
मामले का पूरा घटनाक्रम: सत्यापन के बदले ‘रेट लिस्ट’
प्रार्थी और ठेकेदार रवि कुमार ने बलरामपुर और लुंडा में लगभग 1.08 करोड़ रुपये की लागत के दो निर्माण कार्य (तहसील भवन और कस्तूरबा गांधी विद्यालय कक्ष) पूर्ण किए थे। इन कार्यों के भौतिक सत्यापन और अंतिम समयवृद्धि अनुमोदन के लिए उपायुक्त पूनम चन्द्र अग्रवाल ने रिश्वत की मांग की थी।
सौदेबाजी: 60 से बढ़कर 70 हजार हुई मांग
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शुरुआती मांग: दोनों कार्यों के लिए 30-30 हजार यानी कुल 60 हजार रुपये तय हुए थे।
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बढ़ी रकम: 5 फरवरी को जब प्रार्थी कार्यालय पहुंचा, तो वरिष्ठ सहायक अनिल सिन्हा ने ‘साहब’ के नाम पर रकम बढ़ाकर 70 हजार रुपये कर दी।
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फाइनल डील: काफी सौदेबाजी के बाद 65 हजार रुपये पर सहमति बनी।
जाल बिछाकर ऐसे किया गया शिकार
ACB की टीम ने फिनाफ्थलीन पाउडर लगे नोटों के साथ जाल बिछाया। जैसे ही प्रार्थी ने अनिल सिन्हा को 65 हजार रुपये दिए, सिन्हा ने अपने हिस्से के 5,000 रुपये जेब में रखे और बाकी के 60,000 रुपये उपायुक्त पूनम चन्द्र अग्रवाल के केबिन में जाकर उन्हें सौंप दिए।
ACB की दबिश और रंगे हाथ गिरफ्तारी
प्रार्थी का इशारा मिलते ही ACB की टीम ने दबिश दी। दोनों आरोपियों के पास से रिश्वत की राशि बरामद की गई। जब उनके हाथ धुलवाए गए, तो फिनाफ्थलीन टेस्ट पॉजिटिव आया, जिससे घूस लेने की पुष्टि मौके पर ही हो गई।
कानूनी कार्रवाई
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एवं 12 के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई ने सरगुजा संभाग के उन अधिकारियों में खौफ पैदा कर दिया है जो फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए ‘चाय-पानी’ के नाम पर वसूली करते थे।













