धरसीवा, रायपुर। रायपुर से सटे धरसीवा इलाके के कपसदा स्थित एक फैक्ट्री से एक सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है। फैक्ट्री परिसर में रहने वाली तीन साल की मासूम आदिवासी बच्ची से दुष्कर्म की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है और पीड़िता का डॉक्टरी मुलायजा कराया जा रहा है।
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श्रमिकों के शोषण का चौंकाने वाला खुलासा
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय कांग्रेस नेता दुर्गेश वर्मा (ब्लॉक अध्यक्ष) के नेतृत्व में ठेकेदार के अधीन काम करने वाले आदिवासी श्रमिकों के बीच पहुँचे। यहाँ जो खुलासा हुआ, वह और भी चौंकाने वाला था।कांग्रेस नेताओं ने फैक्ट्री प्रबंधन पर श्रमिकों के भयानक शोषण का आरोप लगाया है:
अमानवीय काम: दुर्गेश वर्मा ने बताया कि फैक्ट्री में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अधिकांश आदिवासी श्रमिकों से 12-12 घंटे तक काम कराया जाता है।
कम मजदूरी: महिलाओं को 12 घंटे काम के लिए मात्र 370 रुपए और पुरुष श्रमिकों को 450 रुपए दिए जाते हैं, जो श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है।
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सुरक्षा से समझौता: सबसे गंभीर बात यह है कि इन श्रमिकों के लिए कॉलोनी हाईटेंशन टावर के ठीक नीचे खेत में बनाई गई है, जिससे इन परिवारों पर हमेशा जान का खतरा बना रहता है।
पुलिस जांच जारी, राजनीतिक दबाव बढ़ा
मासूम बच्ची से दुष्कर्म और श्रमिकों के शोषण के आरोपों ने इस मामले को तूल दे दिया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर अब दोहरे दबाव में हैं—एक ओर दुष्कर्म के आरोपी पर सख्त कार्रवाई करने का, वहीं दूसरी ओर फैक्ट्री में हो रहे श्रम शोषण और श्रमिकों की असुरक्षित आवास व्यवस्था की जांच करने का।
पुलिस ने दुष्कर्म के मामले में त्वरित कार्रवाई की बात कही है, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि श्रमिकों के शोषण के लिए ठेकेदार और फैक्ट्री प्रबंधन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।











