Indore BJP News Satyanarayan Sattan : इंदौर (मध्य प्रदेश): इंदौर भाजपा में मचे सियासी घमासान के बीच संगठन ‘डैमेज कंट्रोल’ की मुद्रा में नजर आ रहा है। मां नर्मदा चौथे चरण के कार्यक्रम के दौरान मंच पर उचित स्थान और सम्मान न मिलने से नाराज हुए वरिष्ठ नेता व राष्ट्रकवि सत्यनारायण ‘सत्तन’ को मनाने सोमवार को भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा उनके निवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में हुई चर्चा के बाद संगठन ने इसे महज एक ‘गलतफहमी’ करार दिया है।
क्या था पूरा विवाद? बीते दिनों मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान मंच पर व्यवस्थाओं को लेकर सत्तन गुरु नाराज हो गए थे। आरोप है कि प्रोटोकॉल की सूची में नाम न होने और बैठने की उचित व्यवस्था न मिलने के कारण वे कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए थे। सत्तन ने स्पष्ट किया कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया था, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर अव्यवस्थाओं के चलते उनकी ‘प्रासंगिकता’ पर सवाल खड़े हो गए।
संगठन की सफाई: गुरुजी हमारे मार्गदर्शक सत्तन के घर पहुंचे नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा, “गुरुजी हमारे सबसे वरिष्ठ नेता हैं। उनसे आशीर्वाद और मार्गदर्शन लेना हमारी परंपरा है। नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है, कुछ तकनीकी कारणों से गलतफहमी हुई थी। गुरुजी के सम्मान के लिए मैं 25 बार भी माफी मांगने को तैयार हूं।” उन्होंने इसे संगठनात्मक गतिविधियों पर आधारित एक सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया।
सत्तन गुरु के तीखे तेवर: व्यवस्था पर उठाए सवाल भेंट के बाद सत्यनारायण सत्तन ने मीडिया से चर्चा में कहा कि यह भाजपा का नहीं बल्कि नगर निगम का कार्यक्रम था, इसलिए इसकी जिम्मेदारी महापौर और निगम प्रशासन की बनती है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा, “जब कार्यकर्ताओं ने बताया कि सूची में मेरा नाम नहीं है, तो मेरा वहां रुकना उचित नहीं था। नगर अध्यक्ष मेरे घर आते रहते हैं, वे पद से पहले पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं।” सत्तन ने इशारों-इशारों में नई पीढ़ी के मैनेजमेंट और संगठनात्मक व्यवस्थाओं की खामियों पर भी तंज कसा।











