निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसीकलां इलाके में गौरक्षक के रूप में पहचाने जाने वाले चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की संदिग्ध मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। घटना के बाद गुस्साए समर्थकों ने दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
हाईवे पर पथराव, पुलिसकर्मी घायल
प्रदर्शन के दौरान भीड़ उग्र हो गई और हाईवे पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
कौन थे ‘फरसा वाले बाबा’?
चंद्रशेखर, जिन्हें स्थानीय लोग ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जानते थे, अपने साथ फरसा (कुल्हाड़ी जैसा हथियार) रखने के कारण चर्चित थे। वे क्षेत्र में कथित तौर पर गौ-तस्करी के खिलाफ सक्रिय रहते थे और कुछ संगठनों से भी जुड़े बताए जाते हैं। उन्होंने अपनी एक टीम भी बना रखी थी।
समर्थकों की मांगें तेज
बाबा की मौत के बाद उनके समर्थकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्हें ‘गौ पुत्र शहीद’ का दर्जा देने की मांग भी उठाई जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
सीएम योगी ने लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कैसे हुई घटना?
पुलिस के अनुसार, बीती रात चंद्रशेखर को गौ-तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद वे बाइक से संदिग्धों का पीछा करने निकले। आरोप है कि तस्करों ने उन्हें रोकने की कोशिश के दौरान तेज रफ्तार वाहन से टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।











