MP Cabinet Expansion: भोपाल। मध्य प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सत्ता और संगठन के गलियारों में यह चर्चा है कि सरकार जल्द ही कैबिनेट विस्तार और विभागीय फेरबदल पर फैसला ले सकती है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार में कुछ नए चेहरों को शामिल करने के साथ-साथ मंत्रियों के विभागों में बदलाव भी संभव है।
MP Cabinet Expansion: वर्तमान में मुख्यमंत्री समेत मंत्रिपरिषद में 31 सदस्य हैं, जबकि कुछ पद अब भी रिक्त बताए जा रहे हैं। ऐसे में लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें लगाई जा रही हैं।
प्रदर्शन रिपोर्ट के बाद बढ़ी हलचल
MP Cabinet Expansion: सूत्रों के मुताबिक हाल ही में विभिन्न विभागों के कामकाज और उपलब्धियों की समीक्षा की गई है। समीक्षा रिपोर्ट में कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठने की चर्चा है। ऐसे में संभावित फेरबदल की स्थिति में कुछ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, जबकि कुछ को मंत्रिपरिषद से बाहर किए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
विवादों में रहे कुछ मंत्री
MP Cabinet Expansion: राजनीतिक गलियारों में जिन नामों को लेकर चर्चा है, उनमें मंत्री विजय शाह, राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, राज्यमंत्री राधा सिंह और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि सरकार या भाजपा संगठन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
नए चेहरों की दावेदारी भी चर्चा में
MP Cabinet Expansion: संभावित विस्तार को लेकर कई नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। सागर क्षेत्र से विधायक प्रदीप लारिया, पन्ना से पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह तथा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी के नाम राजनीतिक चर्चाओं में प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।
MP Cabinet Expansion: महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार विधायक रीति पाठक और वरिष्ठ भाजपा नेता मालिनी गौड़ के नामों पर भी विचार किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा कुछ राज्यमंत्रियों को पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
MP Cabinet Expansion: फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर सरकार या भाजपा संगठन की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सभी अटकलों और चर्चाओं पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री स्तर पर होने वाले निर्णय के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
MP Cabinet Expansion: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो उसका असर आगामी संगठनात्मक और राजनीतिक समीकरणों पर भी देखने को मिल सकता है।









