LPG Shortage Dispute Rajya Sabha Uproar : नई दिल्ली। बजट सत्र के दूसरे चरण में सोमवार को संसद के दोनों सदनों में अलग-अलग दृश्य देखने को मिले। जहाँ लोकसभा में पहली बार प्रश्नकाल बिना किसी हंगामे के संपन्न हुआ, वहीं राज्यसभा में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा।
राज्यसभा में खड़गे का सरकार पर हमला राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एलपीजी संकट को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम मंत्री द्वारा लोकसभा में दिए गए दावों के विपरीत, जमीनी हकीकत काफी चिंताजनक है। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार ने समय रहते एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। इस पर सत्तापक्ष की ओर से बीजेपी सांसद जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि प्रश्नकाल के नियमों का पालन सभी को करना चाहिए।
लोकसभा में दिखा शांत माहौल बजट सत्र के इस चरण में पहली बार लोकसभा में प्रश्नकाल निर्बाध रूप से चला। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जब कुछ विपक्षी सांसदों ने अपने मुद्दे तुरंत उठाने की मांग की, तो लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें धैर्य रखने और दोपहर 12 बजे के बाद बोलने का आश्वासन दिया। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और गजेंद्र सिंह शेखावत ने सदन में सांसदों के सवालों के जवाब दिए। वहीं, राज्यसभा में रंजन गोगोई का कार्यकाल पूरा होने पर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।
विपक्ष पर भड़कीं कंगना रनौत एलपीजी की कमी को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे विरोध पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष देश की जनता के बीच बेवजह घबराहट और पैनिक फैलाने का काम कर रहा है। कंगना ने नागरिकों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा रखें और अफवाहों से भ्रमित न हों।
गौरतलब है कि बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले हफ्ते में विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण प्रश्नकाल बाधित होता रहा था, लेकिन सोमवार की शांतिपूर्ण कार्यवाही ने सदन के सुचारू संचालन की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।











