Friday, September 11, 2026
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ईरान युद्ध का असर! देशभर में LPG संकट… गैस सिलेंडर की कालाबाजारी तेज, कई राज्यों में ब्लैक मार्केटिंग चरम पर

LPG Price Hike:

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारत की रसोई तक पहुंच गया है। देश के कई राज्यों में LPG गैस सिलेंडर की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि कई जगहों पर सिलेंडर ब्लैक मार्केट में दोगुनी कीमत पर बेचे जा रहे हैं

हालात ऐसे हो गए हैं कि कई शहरों में होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट गैस के बजाय इंडक्शन और वैकल्पिक साधनों पर खाना बनाने को मजबूर हो गए हैं।

मध्य प्रदेश में कॉमर्शियल सिलेंडर 4000 रुपए तक

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का मामला सामने आया है।जानकारी के मुताबिक, 1918 रुपए कीमत वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर करीब 4000 रुपए में बेचा जा रहा हैजांच में यह भी सामने आया कि कुछ गैस एजेंसियों के कर्मचारी और दलाल मिलकर इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं।

बिहार में घरेलू सिलेंडर दोगुने दाम पर

बिहार में भी गैस संकट गहराता जा रहा है। यहां 918 रुपए का घरेलू सिलेंडर ब्लैक में 1700 से 1800 रुपए तक बेचा जा रहा हैकॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी सामान्य दर से कई गुना बढ़ गई है और कई जगहों पर 5000 रुपए तक वसूले जा रहे हैं

उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी लंबी कतारें

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। लोगों का कहना है कि 950 रुपए वाला सिलेंडर 1600 रुपए देने पर तुरंत मिल जाता हैपंजाब के जालंधर और लुधियाना में भी हालात गंभीर हैं। यहां कई जगहों पर कॉमर्शियल सिलेंडर 3500 रुपए तक बिक रहा है, जबकि एजेंसियों पर सप्लाई सीमित हो गई है।

होटल और रेस्टोरेंट पर संकट

गैस की कमी का असर होटल और ढाबों के कारोबार पर भी पड़ा है।देहरादून और हल्द्वानी जैसे शहरों में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने अपने मेन्यू से लगभग 70% फूड आइटम हटा दिए हैंकई जगहों पर इंडक्शन या लकड़ी-कोयले के चूल्हों का सहारा लिया जा रहा है।

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सरकार ने उठाए कई सख्त कदम

संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

  • गैस सप्लाई की निगरानी के लिए हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है।

  • कालाबाजारी रोकने के लिए एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 लागू किया गया है।

  • अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक किया जा सकेगा

  • डिलीवरी के दौरान OTP और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है।

सप्लाई संकट की मुख्य वजह

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार LPG संकट के पीछे दो प्रमुख कारण हैं।

  • पहला कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का असुरक्षित होना है। यह वही समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया के करीब 20% पेट्रोलियम उत्पादों का परिवहन होता हैयुद्ध के कारण कई टैंकर इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं।
  • दूसरा कारण कतर के LNG प्लांट का उत्पादन प्रभावित होना है। ड्रोन हमलों के बाद उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया गया, जिससे भारत की गैस सप्लाई पर असर पड़ा।

कब तक सुधर सकते हैं हालात

इंडियन ऑयल के अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार अमेरिका सहित अन्य देशों से वैकल्पिक ऊर्जा आपूर्ति की व्यवस्था करने पर विचार कर रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात सामान्य होने के बाद ही भारत में LPG सप्लाई पूरी तरह स्थिर हो पाएगी

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