Bhopal Cow Slaughter Case : भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के स्लाटर हाउस में कथित गौमांस के मामले ने एक बार फिर सियासी पारा चढ़ा दिया है। जय भवानी हिंदू संगठन ने मामले में की गई जांच को ‘लीपापोती’ करार देते हुए इसे हाईकोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है। संगठन का आरोप है कि प्रशासन ने न केवल मुख्य आरोपियों को बचाया, बल्कि सबूतों के साथ भी छेड़छाड़ की गई है।
क्या है पूरा मामला? जय भवानी हिंदू संगठन के अध्यक्ष भानू हिंदू ने दावा किया है कि 17 दिसंबर 2025 को उनके द्वारा किए गए खुलासे में 26.5 टन मांस बरामद हुआ था। संगठन का आरोप है कि कार्रवाई में जानबूझकर देरी की गई और जिस ट्रक में मांस था, उसे दोषियों को ही सौंप दिया गया, जिसने बाद में उसे मुंबई भेज दिया। भानू हिंदू के अनुसार, मामले में बड़े अधिकारी और राजनेताओं की मिलीभगत है और संगठन के सदस्यों को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया।
जांच पर उठे सवाल इस मामले में सबसे बड़ा पेंच केमिकल और DNA जांच रिपोर्ट को लेकर फंसा है। सूत्रों के मुताबिक, सैंपल खराब होने के कारण हैदराबाद लैब से DNA जांच नहीं हो सकी। वर्तमान में SIT ने मथुरा की केमिकल रिपोर्ट के आधार पर चार्जशीट दाखिल की है, जिसे अब आरोपी अदालत में चुनौती देने की तैयारी में हैं। संगठन का कहना है कि यह लापरवाही दोषियों को निर्दोष साबित करने की एक सोची-समझी साजिश है।
कांग्रेस का आरोप: सरकार के संरक्षण में चल रहा धंधा कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मामले को शुरुआत से ही दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में गाय काटी जा रही है और सदन में भी सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने में विफल रही है। दूसरी ओर, भोपाल की महापौर मालती राय ने सफाई देते हुए कहा है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।











