CG NEWS: कृष्णा नायक सुकमा/सुकमा :- 219 बटालियन सी.आर.पी.एफ. समय-समय पर सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन करती रही है। आज दिनांक 07/03/2026 को राजेश पांडे, डी.आई.जी. (पी), कोंटा रेंज, सी.आर.पी.एफ के मार्गदर्शन तथा पार्थ सारथी घोष, कमाण्डेंट, 219 बटालियन के निर्देशन में 219 बटालियन के गोरखा कैम्प में सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन अनुराग राज (द्वितीय कमान अधिकारी), डॉ. मोहम्मद इब्राहिम (वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी/ उप. कमाण्डेंट ) कानाराम चौधरी (सहा. कमाण्डेंट) एवं विजय कुमार यादव, (सहा. कमाण्डेंट) की उपस्थिति में किया गया।
CG NEWS: इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों में सुरक्षा का भाव उत्पन्न करना, केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी विकास एवं लाभकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना है। साथ ही ग्रामीणों एवं प्रशासन के बीच आपसी समन्वय स्थापित करना है। कार्यक्रम में गोरखा कैम्प के आस-पास के गांव के सरपंचों के साथ लगभग 200 ग्रामीणों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। आज के कार्यक्रम मे ग्रामीणों को साईकिल, मच्छरदानी, बर्तन, सौर लालटेन, महिलाओ को साड़ी, बुजुर्गो को कम्बल तथ लुंगी, युवाओं को खेल सामग्री तथा पढ़ाई सामग्री दिया गया।
CG NEWS: डॉ. मोहम्मद इब्राहिम (वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी/ उप. कमाण्डेंट), 219 बटालियन और उनकी चिकित्सा टीम के द्वारा ग्रामीणों विशेषकर बुजुर्गो, बच्चों एवं महिलाओं का उचित ईलाज कर आवश्यक दवाईयों का वितरण किया गया। इस अवसर पर विजय कुमार यादव, सहा0 कमा0. 219 बटालियन ने सभी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सी.आर.पी.एफ सभी ग्राम व निवासियों की सुरक्षा, सम्मान, सहायता एवं सहयोग के लिए प्रतिबद्ध एवं प्रयासरत है। सी.आर.पी.एफ., स्थानीय प्रशासन एवं राज्य सरकार नए सुरक्षा कैम्प, जन सुविधा केन्द्र, सड़क, बिजली, पानी आदि उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है, जिससे प्रत्येक आदिवासी का व्यक्तिगत एवं सामाजिक विकास सुनिश्चित होगा।
CG NEWS: उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि भविष्य में उन्हें किसी भी तरह की परेशानी होने पर सी.आर.पी.एफ हमेशा उनके साथ खड़ी हैं। साथ ही आह्वान किया कि वे नक्सलियों के बहकावे में ना आयें, अपने बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए शिक्षा दिलायें, केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठायें व एकजुट होकर क्षेत्र, देश के अग्रणी विकास में भागीदार बने। प्रोग्राम के अंत में सभी ग्रामीणों को भोजन कराया गया।











