श्योपुर: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। बोत्सवाना (दक्षिण अफ्रीका) से 12 घंटे की हवाई यात्रा कर 9 चीते भारत पहुंचे और हेलिकॉप्टर के जरिए उन्हें सीधे कूनो पार्क के क्वारंटीन बाड़ों में शिफ्ट किया गया। इसके साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या 39 से बढ़कर 48 हो गई है।
नई खेप में 6 मादा और 3 नर
नई खेप में 6 मादा और 3 नर चीते शामिल हैं। अब तक कूनो में नर चीतों की संख्या अधिक थी, लेकिन इस खेप के आने से संतुलन बदल गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मादा चीताओं की संख्या बढ़ने से प्रजनन दर में तेजी आ सकती है।
केंद्रीय मंत्री ने किया स्वागत
चीतों के आगमन पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव कूनो पहुंचे। उन्होंने स्वयं क्रेट का हैंडल घुमाकर दो चीतों को क्वारंटीन बाड़े में छोड़ा। बाकी चीतों को वन विभाग की प्रशिक्षित टीम ने निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत शिफ्ट किया।
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वयस्क चीतों का नया गणित
पहले कूनो में 26 वयस्क चीते थे, जिनमें 14 नर और 12 मादा थीं। अब 9 नए चीतों के जुड़ने से वयस्कों की संख्या 35 हो गई है। इसमें 18 मादा और 17 नर शामिल हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मादाओं की बढ़ती संख्या क्षेत्रीय संघर्ष को कम करेगी और शावकों के जन्म की संभावना बढ़ाएगी।
एक महीने रहेगा क्वारंटीन
सभी 9 चीतों को एक महीने तक क्वारंटीन में रखा जाएगा। इस दौरान उनकी सेहत, व्यवहार और पर्यावरण के प्रति अनुकूलन क्षमता पर नजर रखी जाएगी। इसके बाद स्टीयरिंग समिति तय करेगी कि किन चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जाए।
वन विभाग का कहना है कि जंगल में छोड़ने से पहले चीतों के मूवमेंट, शिकार प्रवृत्ति और मानव हस्तक्षेप से दूरी जैसे पहलुओं का गहन अध्ययन किया जाएगा।कूनो में चीतों की बढ़ती संख्या वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।











