Eastern Ring Road Land Acquisition : इंदौर (26 फरवरी 2026): इंदौर के पूर्वी रिंग रोड के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के विरोध में आज किसानों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान हाथों में तख्तियां लेकर और अर्धनग्न होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पहुँचे। किसानों का स्पष्ट कहना है कि वे अपनी सिंचित और उपजाऊ भूमि किसी भी कीमत पर प्रशासन को नहीं देंगे।
दिव्यांग किसान ने किया सम्मान वापसी का ऐलान
प्रदर्शन में खुड़ैल क्षेत्र के एक दिव्यांग किसान संतोष सोमतीया आकर्षण का केंद्र रहे। वे अपने साथ शासन द्वारा मिले प्रशस्ति पत्र और सम्मान लेकर पहुँचे थे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यदि सरकार उनकी जीविका का साधन (जमीन) ही छीन रही है, तो ऐसे सम्मान का कोई मूल्य नहीं है। उन्होंने अपना सम्मान शासन को वापस लौटाने की बात कही।
प्रशासन का पानी ठुकराया, धूप में बिगड़ी तबीयत
प्रदर्शन के दौरान एसडीएम अजय भूषण शुक्ल ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। सौहार्द के नाते वे किसानों के लिए पानी लेकर पहुँचे, लेकिन आक्रोशित किसानों ने प्रशासन का पानी पीने से साफ़ इनकार कर दिया। तेज धूप और लंबे समय तक जमीन पर बैठने के कारण कुछ किसानों की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन्हें मौके पर बुलवाई गई एम्बुलेंस से प्राथमिक उपचार देना पड़ा।
जमीन पर बैठकर कलेक्टर ने दिया आश्वासन
किसानों के अडिग रवैये को देखते हुए अंततः कलेक्टर स्वयं प्रदर्शनकारियों के बीच पहुँचे। संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर जमीन पर किसानों के साथ बैठ गए और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। किसानों ने मांग रखी कि रोड के पास पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध है, इसलिए रोड के अलाइनमेंट में बदलाव किया जाए ताकि किसानों की सिंचित भूमि को बचाया जा सके। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा और तकनीकी टीम से इसका परीक्षण कराया जाएगा।
चेतावनी: बात नहीं बनी तो निकलेगा ट्रैक्टर मार्च
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेता है, तो आने वाले समय में हजारों किसान ट्रैक्टरों के साथ सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। फिलहाल, कलेक्टर के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ है, लेकिन किसानों की नजरें अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
अधिकारी/किसान का बयान:
“हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन हमारी उपजाऊ जमीन ही हमारी आजीविका है। पास में सरकारी जमीन है, वहां से रोड निकालिए। अगर अलाइनमेंट नहीं बदला तो उग्र आंदोलन होगा।”
— प्रदर्शनकारी किसान











