भोपाल : मध्य प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के प्रभाव से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। बीते दो दिनों में प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई। इस असामान्य बदलाव से गेहूं और चने की खड़ी फसलों पर असर पड़ा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
इन जिलों में दिखा असर
मंगलवार को छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल, पांढुर्णा, रतलाम, उज्जैन, बालाघाट, मंडला, खंडवा, सीहोर, रायसेन, इंदौर, अनूपपुर और डिंडौरी समेत कई जिलों में मौसम बदला। कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश हुई तो कुछ इलाकों में ओले भी गिरे।
24 घंटे में कहां-कहां हुई बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान श्योपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, दमोह, जबलपुर, मंडला और बालाघाट में हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई। शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, मैहर, सीधी और सिंगरौली में ओलावृष्टि की भी खबर है।
Read More : Mahakaleshwar Bhasma Aarti : महाकाल की भस्म आरती में गूंजा उज्जैन, ब्रह्म मुहूर्त में उमड़ी आस्था
27 फरवरी से नया सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार 27 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसका असर 1 और 2 मार्च को कुछ हिस्सों में बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है।
फरवरी में चौथी बार बदला मौसम
फरवरी महीने में यह चौथी बार है जब बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिला है। इससे पहले भी कई जिलों में आंधी-बारिश से फसलों को नुकसान हुआ था और प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराया गया था।
तापमान में उतार-चढ़ाव
बारिश वाले इलाकों में दिन का तापमान गिरा है, जबकि अन्य हिस्सों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। रात में ठंड का असर कम हो रहा है। पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने फिलहाल बुधवार को मौसम साफ रहने की संभावना जताई है, लेकिन मार्च की शुरुआत में फिर बदलाव के संकेत दिए हैं।











