Chhattisgarh Budget Session 2026 : रायपुर (21 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार आगामी बजट सत्र में प्रदेश की सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था को बदलने वाले महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस सत्र में सरकार बहुप्रतीक्षित ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्र्य विधेयक’ पेश करेगी। इसका उद्देश्य राज्य में अवैध और प्रलोभन के जरिए होने वाले धर्मांतरण पर अंकुश लगाना है।
24 फरवरी को आएगा बजट, 23 से शुरुआत सत्र की शुरुआत 23 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ होगी। इससे पहले सदन के पूर्व दिवंगत सदस्य दीनदयाल सिंह पोर्ते को श्रद्धांजलि दी जाएगी। प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे राज्य का बजट पेश करेंगे। माना जा रहा है कि यह बजट ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के रोडमैप पर आधारित होगा। 26 और 27 फरवरी को बजट पर सामान्य चर्चा होगी, जबकि 9 से 17 मार्च तक विभागवार अनुदान मांगों पर विस्तृत बहस की जाएगी।
तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर रहेगी नजर इस सत्र में सरकार तीन प्रमुख विधायी कार्य निपटाएगी:
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छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्र्य विधेयक: धर्मांतरण के विरुद्ध सख्त कानूनी प्रावधान।
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छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक: सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम।
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अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक: आपदा प्रबंधन और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए।
सवालों की बौछार: विपक्ष ने कसी कमर सत्र के लिए विधायकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। अब तक विधानसभा सचिवालय को कुल 2813 प्रश्नों की सूचना मिली है। इनमें 1437 तारांकित (जिनका जवाब सदन में मौखिक रूप से दिया जाएगा) और 1376 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। इसके अलावा, 61 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और 112 याचिकाएं प्राप्त हुई हैं, जो दर्शाती हैं कि विपक्ष कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।













