Indore Harsh Clinic Negligence News : इंदौर (16 फरवरी 2026): इंदौर के जूनी इंदौर थाना क्षेत्र स्थित खातीवाला टैंक के हर्ष क्लिनिक में उपचार के दौरान हुई ममता चौहान की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सीएमएचओ (CMHO) की विस्तृत जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने क्लिनिक के दो डॉक्टरों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि क्लिनिक में नियमों को ताक पर रखकर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा था।
गलत इलाज और अपात्र डॉक्टर का खुलासा
मृतका ममता चौहान के परिजनों ने आरोप लगाया था कि डॉक्टरों की लापरवाही और गलत इंजेक्शन/दवाइयों के कारण महिला की जान गई। स्वास्थ्य विभाग की जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि क्लिनिक में कार्यरत डॉ. श्रीचंद बांगेचा के पास केवल BEMS की डिग्री है। नियमों के मुताबिक वे एलोपैथी (Allopathy) उपचार नहीं कर सकते थे, लेकिन वे लगातार मरीजों को एलोपैथिक दवाइयां दे रहे थे।
संचालक पर भी गिरी गाज
जांच रिपोर्ट में क्लिनिक संचालक डॉ. ज्ञान पंजवानी को भी दोषी पाया गया है। डॉ. पंजवानी के पास पाकिस्तान से प्राप्त एमबीबीएस की डिग्री है, लेकिन उन्होंने जानबूझकर एक अपात्र बीईएमएस डॉक्टर को एलोपैथी उपचार के लिए नियुक्त किया था। इसी लापरवाही को आधार बनाते हुए पुलिस ने संचालक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
बेटे की लंबी कानूनी लड़ाई
महिला की मौत के बाद उनके बेटे ने हार नहीं मानी और पुलिस से लेकर न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाया। सीएमएचओ की रिपोर्ट ने अब उनकी शिकायतों की पुष्टि कर दी है। डीसीपी कृष्ण लालचंदानी के अनुसार, पुलिस अब क्लिनिक के रिकॉर्ड जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है ताकि मृतका के परिवार को न्याय मिल सके।
कृष्ण लालचंदानी, डीसीपी, इंदौर
“स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर हमने हर्ष क्लिनिक के डॉ. श्रीचंद बांगेचा और डॉ. ज्ञान पंजवानी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। रिपोर्ट में स्पष्ट है कि बीईएमएस डॉक्टर द्वारा गैर-कानूनी तरीके से एलोपैथी इलाज किया जा रहा था। पुलिस इस मामले में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।”













