Monday, August 17, 2026
Home International बांग्लादेश में नई सरकार, 17 फरवरी को PM पद की शपथ लेंगे...

बांग्लादेश में नई सरकार, 17 फरवरी को PM पद की शपथ लेंगे तारिक रहमान, भारत सहित 13 देशों के प्रमुखों को निमंत्रण

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : बांग्लादेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ आने जा रहा है। BNP नेता तारिक रहमान 17 फरवरी की शाम आधिकारिक रूप से प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर नई सरकार का नेतृत्व संभालेंगे। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस इस समारोह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली बनाने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे दुनिया के सामने नई सरकार का स्पष्ट संदेश जा सके।

13 देशों के नेताओं को विशेष निमंत्रण

शपथ ग्रहण समारोह के लिए भारत, चीन, सऊदी अरब और पाकिस्तान सहित कुल 13 देशों के शासनाध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है। तुर्किये, यूएई, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान जैसे देशों की भागीदारी इस आयोजन को क्षेत्रीय कूटनीति के बड़े मंच में बदल सकती है।

Read More: M.P News : महाशिवरात्रि पर CM डॉ. मोहन यादव की शुभकामनाएं, भोलेनाथ से मांगी सबकी सुख-समृद्धि

क्षेत्रीय संतुलन का कूटनीतिक संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और चीन दोनों को एक साथ आमंत्रित करना संतुलित विदेश नीति की ओर इशारा करता है। यह केवल शपथ समारोह नहीं, बल्कि नई सरकार का अंतरराष्ट्रीय संदेश भी माना जा रहा है। अब तारिक रहमान के सामने घरेलू राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक सुधार सबसे बड़ी प्राथमिकताएं होंगी।

चुनावी जीत से खुला सत्ता का रास्ता

हालिया संसदीय चुनाव में कुल 299 सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें BNP ने 209 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। सहयोगी दलों को सीमित सफलता मिली, जिससे रहमान के प्रधानमंत्री बनने का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया। जनता अब नई सरकार से विकास और स्थिरता की उम्मीद कर रही है।

संघर्ष भरा राजनीतिक सफर

60 वर्षीय तारिक रहमान प्रभावशाली जिया परिवार से आते हैं। उनके पिता जियाउर रहमान BNP के संस्थापक और देश के राष्ट्रपति रहे, जबकि उनकी मां खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। निर्वासन, कानूनी चुनौतियों और राजनीतिक विरोध के बावजूद उन्होंने पार्टी को एकजुट रखा और अंततः सत्ता तक पहुंच बनाई।

नई सरकार के सामने बड़ी जिम्मेदारियां

शपथ लेने के बाद तारिक रहमान को अंतरराष्ट्रीय संबंधों का संतुलन बनाए रखने, अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने जैसी चुनौतियों का सामना करना होगा। ढाका में होने वाला यह समारोह बांग्लादेश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here