भोपाल/उज्जैन: महाशिवरात्रि पर्व को लेकर मध्य प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में व्यापक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर, खंडवा का ओंकारेश्वर, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव, सीहोर का कुबेरेश्वर धाम और ग्वालियर का अचलेश्वर मंदिर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सुसज्जित किए जा रहे हैं। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्थाएं लागू की हैं।
महाकाल मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की उम्मीद
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर लगभग 10 लाख भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन मिल सके, इसके लिए कतार व्यवस्था, सुरक्षा निगरानी और प्रवेश मार्गों में बदलाव किए गए हैं। सामान्य श्रद्धालुओं को करीब 40 मिनट में दर्शन कराने की योजना बनाई गई है, जबकि 250 रुपये के वीआईपी टिकट धारकों को लगभग 25 मिनट में बाबा महाकाल के दर्शन कराए जाएंगे।
44 घंटे तक निर्बाध दर्शन की व्यवस्था
महाकाल मंदिर के कपाट शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे खुलेंगे। इसके बाद भगवान महाकाल के लगातार 44 घंटे दर्शन होंगे। श्रद्धालुओं को नृसिंह घाट से कतारबद्ध प्रवेश दिया जाएगा। पर्व के दौरान विशेष भस्म आरती और धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाएंगे, जिनके लिए अलग प्रबंधन किया गया है।
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कुबेरेश्वर धाम में कथा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी तक शिवमहापुराण कथा का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 1200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। भीड़ नियंत्रण के लिए भोपाल-इंदौर हाईवे के एक हिस्से का डायवर्जन किया गया है और वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं।
इस वर्ष महाशिवरात्रि पर यहां श्रद्धालुओं को रुद्राक्ष वितरण नहीं किया जाएगा, जो हर साल की परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
प्रशासन अलर्ट, श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का पालन करने, भीड़भाड़ से बचने और सुरक्षा निर्देशों का सहयोग करने की अपील की है। महाशिवरात्रि पर प्रदेशभर में भक्ति, आस्था और उत्साह का माहौल रहने की उम्मीद है।













