Sehore Electricity Department News : सीहोर (10 फरवरी 2026): मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में बिजली चोरी को जड़ से मिटाने के लिए विद्युत विभाग ने स्मार्ट मीटर तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। विभाग की यह ‘स्मार्ट’ पहल उन लोगों के लिए चेतावनी है जो मीटर के साथ छेड़खानी कर या कनेक्शन बाईपास कर मुफ्त बिजली जलाने की कोशिश करते हैं।
कैसे काम करता है स्मार्ट मीटर का शिकंजा? विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ये नए स्मार्ट मीटर ‘हेड-एंड सिस्टम’ (Head-End System) से सीधे जुड़े होते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति मीटर को रोकने, उसकी बॉडी खोलने या तारों के साथ छेड़खानी (Tempering) करने की कोशिश करता है, सिस्टम तुरंत संबंधित ज़ोन के अधिकारियों को अलर्ट भेज देता है।
खपत के पैटर्न से पकड़ी जा रही गड़बड़ी स्मार्ट मीटर केवल रीडिंग ही नहीं भेजता, बल्कि बिजली खपत के समय और तरीके का डेटा भी साझा करता है। यदि किसी घर या प्रतिष्ठान में लोड अचानक कम होता है या पैटर्न में कोई संदिग्ध बदलाव दिखता है, तो विभाग की टीम सीधे उस लोकेशन पर दबिश दे रही है। इसी तकनीक के आधार पर पिछले कुछ दिनों में कई बिजली चोरी के प्रकरण बनाए गए हैं।
अधिकारियों की सख्त चेतावनी विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी न केवल गैरकानूनी है, बल्कि स्मार्ट मीटर के दौर में यह लगभग नामुमकिन है। उपभोक्ता किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आकर मीटर से छेड़खानी न करें, वरना उन्हें आर्थिक दंड के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ेगा।













