Children born outside marriage : दुनिया के कई हिस्सों में शादी, परिवार और संतान से जुड़ी पारंपरिक धारणाएं तेजी से बदल रही हैं। बदलती जीवनशैली, सामाजिक स्वीकार्यता, कानूनी ढांचे और आर्थिक सुरक्षा के कारण कई देशों में विवाह के बाहर बच्चों का जन्म अब असामान्य नहीं रहा। हालांकि एशिया और भारत जैसे देशों में यह प्रवृत्ति अब भी बेहद सीमित है।
Children born outside marriage : रिपोर्ट्स के अनुसार, वैश्विक स्तर पर विवाह के बाहर जन्म लेने वाले बच्चों का औसत अनुपात करीब 43 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यानी कई देशों में मां बनना अब विवाह पर निर्भर नहीं रहा। इसे कुछ समाजों में ‘न्यू नॉर्मल’ के तौर पर देखा जाने लगा है।
Children born outside marriage : इस मामले में लैटिन अमेरिकी देश सबसे आगे हैं। कोलंबिया में करीब 87 प्रतिशत बच्चे विवाह के बाहर जन्म लेते हैं। इसके बाद चिली, कोस्टा रिका और मैक्सिको का स्थान आता है, जहां यह आंकड़ा 70 प्रतिशत से अधिक है। इन देशों में लिव-इन रिलेशनशिप सामाजिक और कानूनी रूप से लंबे समय से स्वीकार्य हैं, जिससे औपचारिक शादी की अनिवार्यता कम हो गई है।
Children born outside marriage : नॉर्डिक देशों में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिलता है। आइसलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और डेनमार्क जैसे देशों में 55 से 70 प्रतिशत तक बच्चे विवाह के बाहर पैदा हो रहे हैं। यहां मजबूत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था, बच्चों को समान कानूनी अधिकार और अविवाहित जोड़ों को विवाहित दंपतियों जैसी सुविधाएं मिलने से विवाह को व्यक्तिगत पसंद का विषय माना जाता है।
Children born outside marriage : इसके उलट एशिया और पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र में यह दर बेहद कम है। जापान, दक्षिण कोरिया, तुर्की, इजरायल और ग्रीस जैसे देशों में विवाह के बाहर जन्म लेने वाले बच्चों का प्रतिशत 10 से भी कम है। यहां सांस्कृतिक मूल्य, धार्मिक परंपराएं और सख्त सामाजिक ढांचा विवाह को संतान से जोड़कर रखते हैं। एकल माता-पिता को मिलने वाली सीमित सामाजिक सहायता और सामाजिक दबाव भी इसकी बड़ी वजह मानी जाती है।
Children born outside marriage : भारत में स्थिति और भी अलग है। यहां विवाह के बाहर जन्म लेने वाले बच्चों का अनुपात एक प्रतिशत से भी कम बताया जाता है। भारत के पड़ोसी देशों और एशिया के अधिकांश हिस्सों में भी यही रुझान देखने को मिलता है, जहां विवाह को परिवार और संतान की मूल आधारशिला माना जाता है।
अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और पश्चिमी यूरोप के कई देश इस पैमाने पर बीच की स्थिति में हैं। अमेरिका में करीब 40 प्रतिशत बच्चे विवाह के बाहर पैदा होते हैं, जो ऑस्ट्रिया और इटली जैसे देशों के आंकड़ों के आसपास है।
Children born outside marriage : ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि विवाह के बाहर बच्चों का जन्म केवल सामाजिक बदलाव नहीं, बल्कि कानूनी ढांचे, कल्याणकारी नीतियों और सांस्कृतिक स्वीकार्यता का संयुक्त परिणाम है। आने वाले वर्षों में यह अंतर और बढ़ सकता है, जिसका प्रभाव भारत समेत एशियाई समाजों पर भी धीरे-धीरे दिखाई दे सकता है।













