Indore Crime Branch News : इंदौर : इंदौर शहर को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस कमिश्नर के निर्देशों पर क्राइम ब्रांच लगातार एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में टीम ने एमआर-10 ब्रिज के पास घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो मंदसौर से ड्रग्स लाकर इंदौर में खपाने की फिराक में थे।
संदिग्ध गतिविधियों ने खोला राज
क्राइम ब्रांच की टीम शहर में संदिग्धों की तलाश में थी, तभी एमआर-10 ब्रिज के नीचे आईएसबीटी (ISBT) बस स्टैंड के सामने दो युवक बिना नंबर की काले रंग की होंडा टू-व्हीलर के साथ खड़े दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही दोनों ने भागने की कोशिश की और घबराने लगे। मुस्तैद टीम ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया।
तलाशी में मिली लाखों की ड्रग्स
पकड़े गए आरोपियों की पहचान धीरप सिंह तंवर और लाल सिंह चौहान के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मंदसौर जिले के निवासी हैं। जब वाहन की तलाशी ली गई, तो गाड़ी की सीट के नीचे से 14.06 ग्राम अवैध मादक पदार्थ (MD) बरामद हुआ।
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बरामदगी: 14.06 ग्राम एमडी ड्रग।
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बाजार मूल्य: अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 1,40,000 रुपये आंकी गई है।
सस्ते में खरीदकर महंगे में बेचने का धंधा
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे अवैध लाभ कमाने के लिए मंदसौर की ओर से सस्ते दामों में ड्रग्स खरीदते थे और फिर इंदौर शहर में नशे के आदी लोगों को ढूंढकर उन्हें ऊंचे दामों पर बेच दिया करते थे। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस का पक्ष
“पुलिस आयुक्त के निर्देशानुसार ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए आरोपी मंदसौर के रहने वाले हैं। अब इनसे पूछताछ की जा रही है कि वे यह खेप मंदसौर में किससे लाए थे और इंदौर में इनके मुख्य खरीदार कौन-कौन हैं।” — राजेश त्रिपाठी, डीसीपी, क्राइम ब्रांच, इंदौर
इंदौर पुलिस अब उन स्थानीय संपर्कों की तलाश कर रही है जिनके माध्यम से ये आरोपी शहर में अपना नेटवर्क चला रहे थे।













