रायपुर : पूरे देश का ध्यान आज छत्तीसगढ़ की ओर है, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 7 फरवरी को राज्य के दौरे पर पहुंच रही हैं। अपने इस दौरे के दौरान वह जगदलपुर में आयोजित होने वाले भव्य सांस्कृतिक आयोजन बस्तर पंडुम-2026 का औपचारिक शुभारंभ करेंगी। यह आयोजन आदिवासी संस्कृति, परंपरा और लोकजीवन की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।
कार्यक्रम में शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी
इस विशेष अवसर पर राज्यपाल रामेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहेंगे। राज्य सरकार ने आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
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अमित शाह का तीन दिवसीय दौरा
इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आज से तीन दिनों के छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं। उनके दौरे को सुरक्षा, विकास और जनजातीय क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरान वे कई बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लेकर राज्य की विकास योजनाओं की समीक्षा भी कर सकते हैं।
आदिवासी संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान
बस्तर पंडुम-2026 केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि देशभर को आदिवासी समाज की परंपराओं, कला, संगीत और जीवन शैली से परिचित कराने का अवसर है। राष्ट्रपति की मौजूदगी से इस आयोजन का महत्व और बढ़ गया है, जिससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, यह दौरा संस्कृति, विकास और प्रशासनिक समन्वय के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसने जगदलपुर को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।













