भोपाल : मध्य प्रदेश के लाखों किसानों के लिए आज का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन फसल की चौथी किस्त किसानों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। यह राशि मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में आयोजित अन्नदाता सम्मान समारोह के दौरान सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
1.17 लाख किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
इस चरण में प्रदेश के करीब 1 लाख 17 हजार किसानों के खातों में कुल 200 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। यह भुगतान उन किसानों को मिलेगा, जिन्होंने 20 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के बीच सोयाबीन फसल का विक्रय किया था। सरकार का उद्देश्य किसानों को बाजार भाव में आई गिरावट से सुरक्षा देना है।
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अब तक 7 लाख से ज्यादा किसानों को भुगतान
भावांतर योजना के तहत अब तक प्रदेश के लगभग 7 लाख 10 हजार किसानों को 1492 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। खास बात यह है कि पहली बार सोयाबीन फसल को इस योजना में शामिल किया गया है, जिससे तिलहन उत्पादक किसानों को सीधा फायदा मिल रहा है।
मल्हारगढ़ को मिलेंगी विकास की सौगातें
अन्नदाता सम्मान समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ क्षेत्र को 69.50 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। इनमें मंदसौर-नीमच स्टेट हाईवे पर 4 लेन फ्लाईओवर का भूमि-पूजन, पिपलिया मंडी समपार रेलवे अंडरब्रिज का भूमि-पूजन और मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन रोड पर पुल निर्माण कार्य का लोकार्पण शामिल है।
यातायात और कृषि दोनों को मिलेगा फायदा
इन विकास कार्यों से न सिर्फ क्षेत्र में यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि किसानों को भी अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। सरकार का मानना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और समय पर भुगतान से किसानों की आय में स्थायित्व आएगा।
भावांतर योजना से मजबूत हो रहा किसान भरोसा
राज्य सरकार की भावांतर योजना किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। सीधे खाते में भुगतान होने से पारदर्शिता बढ़ी है और किसानों का सरकार पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।









