Surajpur Red Cross Society Negligence : सूरजपुर। देश आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मना रहा है, लेकिन सूरजपुर जिले में मानवीय सेवा की प्रतीक मानी जाने वाली ‘इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी’ के कार्यालय से एक बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर न तो ध्वजारोहण किया गया और न ही किसी तरह का औपचारिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। मानवीय मूल्यों और राष्ट्र के प्रति सम्मान की बात करने वाली इस संस्था का कार्यालय पूरे दिन सूना पड़ा रहा, जिससे इसकी गंभीरता और साख पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को सूरजपुर स्थित रेडक्रॉस कार्यालय में सुबह से लेकर शाम तक न तो कोई जिम्मेदार पदाधिकारी नजर आया और न ही राष्ट्रगान की गूंज सुनाई दी। जहां एक ओर पूरे जिले के सरकारी और निजी भवनों में तिरंगा पूरी आन-बान-शान के साथ लहरा रहा था, वहीं रेडक्रॉस जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का ध्वज स्तंभ खाली खड़ा रहा। इस बड़ी चूक ने न केवल स्थानीय नागरिकों को हैरान किया है, बल्कि संस्था की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है।
इस घटना के बाद रेडक्रॉस सोसायटी के कई आजीवन सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सदस्यों का आरोप है कि सेवा और संवेदनशीलता के लिए बनी यह संस्था अब केवल राजनीति का अड्डा बनकर रह गई है। नाराज सदस्यों ने कहा, “यह बेहद दुखद है कि राष्ट्रीय पर्वों को भी दरकिनार किया जा रहा है। पदाधिकारी केवल पद और रसूख का लाभ लेने में व्यस्त हैं, उन्हें राष्ट्र के गौरव से कोई सरोकार नहीं रह गया है।” यह लापरवाही दर्शाती है कि संस्था के भीतर अनुशासन की कितनी कमी है।
फिलहाल, यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इस गंभीर लापरवाही का संज्ञान लेगा और संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगा? गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण न करना राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है, जिसके लिए जवाबदेही तय होना अनिवार्य है।












