Gharghoda News Update : घरघोड़ा (रायगढ़): शा. प्राथमिक शाला फिटिंगपारा कुडुमकेला में शासकीय गरिमा और सुरक्षा को चुनौती देने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ दो व्यक्तियों ने फर्जी अधिकारी बनकर न केवल स्कूल का निरीक्षण किया, बल्कि मासूम छात्रों को डरा-धमकाकर उनके शिक्षक के खिलाफ झूठे वीडियो बयान भी रिकॉर्ड किए। प्रधान पाठक धर्मेंद्र सिंह की शिकायत पर अब पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
साजिश का पूरा घटनाक्रम: घटना 19 जनवरी 2026 की है, जब प्रधान पाठक धर्मेंद्र सिंह न्यायालयीन कार्य से अवकाश पर थे। उनकी अनुपस्थिति में गुरूनाम सिंह और गुरमीत सिंह नामक दो व्यक्ति स्कूल पहुँचे और स्वयं को उच्च स्तरीय जांच अधिकारी बताया। शाला समिति अध्यक्ष लक्ष्मी मांझी और पंच हिरोंदीलाल की उपस्थिति में इन व्यक्तियों ने छात्रों की कॉपियों से पन्ने फाड़े और ग्रामीणों से कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए।
बच्चों पर बनाया मानसिक दबाव: शिकायत के अनुसार, इन कथित अधिकारियों ने छात्रों का वीडियो बनाया और उन्हें दबाव देकर यह बोलने पर मजबूर किया कि “गुरुजी हमसे हाथ-पैर दबवाते हैं।” यही नहीं, जाते समय वे स्कूल की छात्र उपस्थिति पंजी, शिक्षक उपस्थिति पंजी और मध्याह्न भोजन पंजी जैसे महत्वपूर्ण शासकीय रिकॉर्ड भी अपने साथ ले गए।
फोटो से हुई आरोपियों की पहचान: अगले दिन जब प्रधान पाठक स्कूल पहुँचे, तो बच्चों ने उन्हें पूरी दास्तां सुनाई। शिक्षक ने जब छात्रों को गुरूनाम सिंह और गुरमीत सिंह की मोबाइल पर फोटो दिखाई, तो बच्चों ने तुरंत उन्हें पहचान लिया। शिक्षक का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई उन्हें बदनाम करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने के उद्देश्य से की गई है।
पुलिस की कार्रवाई: प्रधान पाठक धर्मेंद्र सिंह ने पुलिस अधीक्षक और घरघोड़ा थाना प्रभारी से लिखित शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ शासकीय दस्तावेज चोरी करने, फर्जी अधिकारी बनने और बच्चों को प्रताड़ित करने की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। स्थानीय पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है।











