नई दिल्ली/अयोध्या: आज गुरुवार, 22 जनवरी 2026, को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के आगमन के दो साल पूरे हो गए। 22 जनवरी 2024 को ही रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी।
इन दो वर्षों में लगभग 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए हैं। सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी सनातन धर्म मानने वाले श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे।
श्रद्धालुओं में वैश्विक उत्साह
रामलला के दर्शन में दुनियाभर के कई प्रमुख नेता, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी शामिल हुए। मंदिर बनने से पहले हिंदुओं ने 500 वर्षों तक इस स्थल की प्रतीक्षा की और 2020 में हुए भूमिपूजन से मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 5 फरवरी 2020 को श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट का गठन हुआ और 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन किया गया।
अयोध्या का रूपांतरण: आधुनिक तीर्थनगर
राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या सिर्फ तीर्थस्थल ही नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित धार्मिक नगरी बन गई है।
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स्वच्छ और सुव्यवस्थित दर्शन मार्ग
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100 फीट चौड़ा राम जन्मभूमि पथ
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एलईडी स्क्रीन से सूचना प्रसारण
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स्थायी कैनोपी, शुद्ध पेयजल और स्वच्छ शौचालय
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दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर सुविधा
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जूता-चप्पल और सामान रखने के लिए लॉकर
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25 हजार तीर्थयात्रियों की क्षमता वाला सुविधा केंद्र
इसके अलावा अयोध्या में हाईक्लास एयरपोर्ट, आधुनिक रेलवे स्टेशन और अस्पताल भी विकसित किए गए हैं, जिससे तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा और सुविधाएं और आसान हो गई हैं।
भविष्य में और बेहतर सुविधाएं
रामलला के दर्शन और अयोध्या के आधुनिकीकरण से न केवल धार्मिक महत्व बढ़ा है, बल्कि पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी बल मिला है। आने वाले वर्षों में अयोध्या और अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक धार्मिक नगरी बनकर उभरने की उम्मीद है।











