Bijapur Naxal Surrender 2026 : बीजापुर। बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सुरक्षा बलों को अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मिली है। बीजापुर पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष 21 महिलाओं सहित कुल 52 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर करने वालों में एक खूंखार डीवीसीएम (डिवीजनल कमेटी मेंबर) भी शामिल है। इन सभी नक्सलियों पर शासन की ओर से कुल 1.41 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
इनके सामने किया आत्मसमर्पण: नक्सलियों ने सीआरपीएफ डीआईजी देवेंद्र सिंह नेगी, बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपने हथियार डाले। पुलिस के अनुसार, ये सभी नक्सली सुरक्षा बलों पर फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट और आगजनी जैसी कई गंभीर वारदातों में शामिल रहे हैं।
पुनर्वास नीति और ‘नियद नेल्लानार’ का जादू: आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने बताया कि वे सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, जंगलों में सिमटते आधार और शासन की ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत गांवों में पहुंच रही सुविधाओं से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटे हैं। आत्मसमर्पण के तुरंत बाद सभी को प्रोत्साहन स्वरूप 50-50 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की गई।
2024 से अब तक का रिपोर्ट कार्ड: पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नक्सल विरोधी अभियान में तेजी का असर साफ दिख रहा है:
- आत्मसमर्पण: 824 माओवादी
- गिरफ्तारी: 1126 माओवादी
- मुठभेड़ में ढेर: 223 माओवादी
अधिकारियों ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति का पूरा लाभ दिया जाएगा ताकि वे एक सामान्य और बेहतर जीवन जी सकें।









