रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेश में धान खरीदी की बदहाल व्यवस्था और किसानों द्वारा आत्महत्या के प्रयास की बढ़ती घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाने की जोरदार मांग करते हुए कहा कि मौजूदा हालात ने अन्नदाताओं को मानसिक और आर्थिक संकट में धकेल दिया है।
‘मोदी की गारंटी’ पर सवाल
डॉ. महंत ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने ‘मोदी की गारंटी’ के नाम पर किसानों से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद वही किसान आज सबसे ज्यादा परेशान है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ‘धान का कटोरा’ कहलाने वाला छत्तीसगढ़ आज किसानों की बदहाली का प्रतीक बनता जा रहा है।
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आत्महत्या के प्रयास बने गंभीर चेतावनी
नेता प्रतिपक्ष ने कोरबा और बागबाहरा जैसे क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों का आत्महत्या के लिए मजबूर होना इस बात का सबूत है कि प्रदेश में सुशासन की स्थिति चरमरा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान मूल्य और 21 क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी का वादा किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान आज भी टोकन के लिए भटक रहे हैं।
तकनीकी खामियों से किसान बेहाल
डॉ. महंत ने बताया कि ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप, बायोमेट्रिक सिस्टम और ई-केवाईसी सर्वर बार-बार फेल हो रहे हैं। इसके साथ ही अब ऑनलाइन खरीदी बंद होने से हजारों किसान अब तक अपनी फसल नहीं बेच पाए हैं। 31 जनवरी की अंतिम तिथि नजदीक आने से किसानों में यह डर गहरा रहा है कि उनका धान खेतों में ही खराब हो जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष की प्रमुख मांगें
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आत्महत्या का प्रयास करने वाले किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता
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धान खरीदी की समय-सीमा कम से कम एक माह बढ़ाई जाए
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तकनीकी कारणों से वंचित किसानों के लिए ऑफलाइन टोकन जारी कर खरीदी सुनिश्चित की जाए
आंदोलन की चेतावनी
डॉ. चरणदास महंत ने साफ चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक उग्र आंदोलन करेगी और किसानों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी।









