Maharashtra Local Body Polls SC : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में लंबे समय से लंबित स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सोमवार को एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) की अर्जी स्वीकार करते हुए चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा दो हफ्ते के लिए बढ़ा दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने स्पष्ट किया कि इसके बाद कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी और निर्देश:
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अंतिम विस्तार: आयोग ने 31 जनवरी की तय समयसीमा को कुछ दिनों के लिए बढ़ाने की मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने 14 दिन की अतिरिक्त राहत दी। कोर्ट ने साफ कहा कि 2022 से लंबित इन चुनावों को और नहीं टाला जा सकता।
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आरक्षण का पेंच: 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण (जैसे कुछ क्षेत्रों में 52 प्रतिशत) के मामले पर कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोजित किए जाएंगे, लेकिन उनके परिणाम कोर्ट में लंबित याचिकाओं के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगे।
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हस्तक्षेप से इनकार: कोर्ट ने इस मामले में किसी भी नई हस्तक्षेप याचिका (Intervention Petition) को स्वीकार करने से मना कर दिया और इसे चुनाव प्रक्रिया में देरी करने का प्रयास बताया।
चुनाव की वर्तमान स्थिति: राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) सहित 29 नगर निगमों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर चुका है, जिसके तहत 15 जनवरी 2026 को मतदान और 16 जनवरी को मतगणना होनी है। हालांकि, कुछ जिला परिषदों और पंचायतों की प्रक्रिया अभी भी बाकी है, जिसके लिए यह दो हफ्ते का समय महत्वपूर्ण साबित होगा।













