Rameshwar Sharma Controversy : भोपाल: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई विवादित नारेबाजी पर मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा बुरी तरह बिफर पड़े हैं। उन्होंने इस कृत्य को ‘अर्बन नक्सली’ मानसिकता का परिणाम बताते हुए विपक्ष को जमकर घेरा।
“अर्बन नक्सलियों को हुआ बुद्धि का अजीर्ण”
विधायक रामेश्वर शर्मा ने सख़्त लहजे में कहा कि जो लोग मोदी और शाह की कब्र खोदने की बात कर रहे हैं, वे पहले अपनी कब्र सुनिश्चित कर लें। उन्होंने कहा, “इन अर्बन नक्सलियों को बुद्धि का अजीर्ण (अपच) इतना अधिक हो गया है कि ये अब सीधे देश के सर्वोच्च न्यायालय और संविधान को चुनौती देने लगे हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि गुंडे, अलगाववादियों और आतंकियों पर क्या कार्रवाई होनी चाहिए, यह सड़क पर नारे लगाने वाले नहीं बल्कि ‘माननीय न्यायालय’ तय करेगा।
दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना: “बढ़ती उम्र के साथ बढ़ा आतंकियों से मोह”
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर हमला बोलते हुए रामेश्वर शर्मा ने कहा कि वे अपनी बढ़ती उम्र के साथ अब खुलेआम आतंकवादियों के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह अपनी “मुस्लिम चाटुकारिता” की नीति के चलते हिंदुस्तान को धोखा दे रहे हैं। विधायक ने कहा कि तुष्टिकरण के लिए देश की सुरक्षा से समझौता करना दिग्विजय सिंह की पुरानी आदत रही है।
नया भारत नहीं सहेगा अलगाववाद
रामेश्वर शर्मा ने हुंकार भरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के नेतृत्व वाला भारत अब पूरी तरह बदल चुका है। देश की सीमाओं के भीतर अब न तो आतंकवाद बर्दाश्त किया जाएगा, न अलगाववाद और न ही नक्सलवाद। उन्होंने कहा कि जो भी देश को तोड़ने की बात करेगा, उसे कानून के दायरे में रहकर कड़ा सबक सिखाया जाएगा।













