Sukma NQAS Certification : सुकमा: छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और कभी नक्सली गतिविधियों के लिए चर्चित रहे सुकमा जिले ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी नई पहचान बनाई है। जिले के तीन प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों— प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुड़दी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर गगपल्ली और आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्रिस्टाराम को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (NQAS) प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है।
यह प्रमाणन इस बात की तस्दीक करता है कि अब इन दुर्गम क्षेत्रों में भी मरीजों को वही उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं, जो देश के बड़े महानगरों के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होती हैं।
सफलता के पीछे 8 कड़े मानक इन स्वास्थ्य केंद्रों ने केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 8 अत्यंत कठिन पैमानों पर खुद को साबित किया है। इनमें मुख्य रूप से:
-
सेवा प्रावधान (Service Provision)
-
मरीज के अधिकार (Patient Rights)
-
नैदानिक देखभाल (Clinical Care)
-
संक्रमण नियंत्रण (Infection Control)
-
गुणवत्ता प्रबंधन (Quality Management)
-
स्वच्छता और बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन इन मानकों पर 70% से अधिक अंक प्राप्त करने के बाद ही यह राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है।

नियद नेल्लानार और प्रशासनिक रणनीति कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत इन संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का कायाकल्प किया। सुरक्षा की चुनौतियों के बावजूद दवाओं की उपलब्धता, आधुनिक उपकरणों की स्थापना और स्टाफ की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की गई। कलेक्टर ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह प्रमाणन साबित करता है कि प्रशासन की प्राथमिकता अब स्वास्थ्य के जरिए विकास की मुख्यधारा को जोड़ना है।
ग्रामीणों को क्या होगा लाभ? NQAS सर्टिफिकेट मिलने के बाद अब इन तीनों स्वास्थ्य केंद्रों को भारत सरकार की ओर से प्रतिवर्ष वित्तीय प्रोत्साहन राशि (Financial Incentive) दी जाएगी। इस राशि का सीधा उपयोग अस्पताल के रखरखाव, नई मशीनों की खरीद और मरीजों के लिए सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा। इससे स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों को अब इलाज के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।













