भोपाल: राजधानी भोपाल में ईरानी डेरे से जुड़े बदमाशों का एक संगठित आपराधिक नेटवर्क पुलिस के हत्थे चढ़ा है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने तेलंगाना से बाइक चोरी कर भोपाल सहित अन्य शहरों में उनका इस्तेमाल आपराधिक वारदातों के लिए किया। इस मामले में अलग-अलग 6 शहरों की पुलिस ने आरोपियों की रिमांड के लिए भोपाल पहुंचकर आवेदन दिया है।
फर्जी दस्तावेजों पर बाइक फाइनेंस
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्यों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर कई दोपहिया वाहनों को फाइनेंस कराया। इन वाहनों का उपयोग मोबाइल लूट, चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जा रहा था।
मोबाइल लूट की वारदातों से जुड़ा ईरानी डेरा
भोपाल में हाल के दिनों में हुई मोबाइल लूट की कई घटनाओं में ईरानी डेरे के बदमाशों की संलिप्तता सामने आई है। साइबर सेल द्वारा मोबाइल फोन की तकनीकी ट्रैकिंग के बाद यह पुष्टि हुई कि अमन कॉलोनी क्षेत्र में हुई तीन मोबाइल लूट की घटनाओं में इसी गिरोह के लोग शामिल थे।
साइबर सेल की भूमिका, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मोबाइल लूट के तीन मामलों में पहले एक आरोपी को हिरासत में लिया था, जिसने पूछताछ में ईरानी डेरे से जुड़े अन्य लोगों के नाम उजागर किए। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी और लूट की वारदातों को कबूल किया।
25 दिसंबर, 2 और 3 दिसंबर की घटनाएं उजागर
पुलिस के अनुसार 25 दिसंबर, 2 दिसंबर और 3 दिसंबर को भोपाल के अलग-अलग इलाकों में मोबाइल लूट की घटनाएं हुई थीं। इन मामलों में 22 पुरुष और 10 महिलाओं को जेल भेजा गया है, जबकि आगे की जांच जारी है।
अंतरराज्यीय गिरोह पर कसेगा शिकंजा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है, जिसकी जड़ें कई राज्यों तक फैली हैं। आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।











