भोपाल: राजधानी भोपाल के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आई है। यहां डॉक्टरों की मौजूदगी के बावजूद मरीजों को पूरा इलाज नहीं मिल पा रहा है। खासकर डेंटल यूनिट में रूट कैनाल ट्रीटमेंट की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि सामान्य दंत उपचार के लिए भी मरीजों को करीब 10 किलोमीटर दूर जेपी अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
डेंटल यूनिट में अधूरी सुविधाएं
स्वास्थ्य केंद्र में दंत चिकित्सक की तैनाती होने के बावजूद आवश्यक उपकरण और संसाधनों के अभाव में रूट कैनाल जैसी जरूरी प्रक्रिया नहीं की जा रही है। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
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सीएमएचओ ने किया औचक निरीक्षण
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनीष शर्मा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिशु रोग विभाग, ओपीडी सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की और मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

बच्चों के इलाज पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों को प्राथमिक और आवश्यक इलाज इसी स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध कराया जाए। अनावश्यक रेफरल से बचने और केवल गंभीर मामलों में ही मरीजों को उच्च संस्थानों में भेजने के निर्देश दिए गए।
स्टाफ की जवाबदेही तय
सीएमएचओ ने स्टाफ की उपस्थिति, कार्यशैली और मरीजों के प्रति व्यवहार को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।













