Madhya Pradesh PWD : भोपाल: मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने आज एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर विभाग के पिछले दो वर्षों के कामकाज का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने विभाग को हाईटेक बनाने और पर्यावरण संरक्षण को विकास से जोड़ने के लिए कई नवाचारों की घोषणा की। मंत्री सिंह ने बताया कि पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ‘लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल ऐप’ तैयार किया गया है, जिसमें प्रदेश की सड़कों का पूरा डेटा उपलब्ध रहेगा।
Madhya Pradesh PWD : प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राकेश सिंह ने कहा कि सड़कों के निर्माण के साथ-साथ पर्यावरण को सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने एक अनूठी पहल की जानकारी देते हुए बताया कि सड़कों के निर्माण के लिए खेतों से जो मिट्टी निकाली जाती है, उस खुदाई वाले स्थान को अब ‘सरोवर’ (तालाब) के रूप में विकसित किया जाएगा। इन सरोवरों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी विभाग उठाएगा, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
Madhya Pradesh PWD : मंत्री ने विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही रोकने के लिए ‘औचक निरीक्षण’ की एक नई और पारदर्शी पद्धति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब हर महीने की 5 तारीख को औचक निरीक्षण किया जाता है। इसकी खास बात यह है कि सॉफ्टवेयर के जरिए 3 तारीख को ही रैंडमली लोकेशन की जानकारी मिलती है। इसके बाद इंजीनियरों को 6 स्टेप्स दिए जाते हैं, जिनके आधार पर उन्हें निर्माण कार्य की गुणवत्ता और अन्य मानकों का बारीकी से निरीक्षण करना होता है।
Madhya Pradesh PWD : भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए राकेश सिंह ने कहा कि PWD विभाग अब अपने इंजीनियरों के कौशल विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसके लिए भोपाल में एक अत्याधुनिक ‘रिसर्च सेंटर’ बनाया जाएगा। इस सेंटर की गुणवत्ता और साख ऐसी होगी कि यहाँ न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि दूसरे राज्यों के इंजीनियर भी प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए आएंगे। मंत्री ने विश्वास जताया कि इन तकनीकी बदलावों से प्रदेश में सड़कों का जाल और अधिक मजबूत और टिकाऊ बनेगा।













