Cyber fraud : जबलपुर। जबलपुर क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी के एक हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। शहर के एक 72 वर्षीय बुजुर्ग को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर ₹76 लाख की ठगी करने वाले दो मुख्य आरोपियों को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के बढ़ते नेटवर्क पर एक बड़ी चोट मानी जा रही है।
Cyber fraud : ठगी का यह मामला तब सामने आया जब आरोपियों ने बुजुर्ग अनिल कुमार को निशाना बनाया। धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल की गई तकनीक अत्यंत शातिराना थी, जिसमें आरोपियों ने खुद को फर्जी सरकारी अधिकारी या पुलिसकर्मी बताकर बुजुर्ग को यह विश्वास दिलाया कि वे मानव तस्करी (ह्यूमैन ट्रैफिकिंग) जैसे गंभीर मामले में फँस गए हैं। इसी डर का फायदा उठाकर उन्होंने बुजुर्ग को अपने खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया, जिसे तकनीकी भाषा में ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है।
Cyber fraud : जबलपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करते हुए लखनऊ में दबिश दी और दोनों आरोपियों, जिनकी पहचान वेद प्रकाश शर्मा और अजय शर्मा के रूप में हुई है, को धर दबोचा। यह गिरफ्तारी साइबर क्राइम के अंतरराज्यीय कनेक्शन को उजागर करती है।

Cyber fraud : गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को जबलपुर लाया गया, जहाँ न्यायालय में पेश कर क्राइम ब्रांच ने उनकी 3 दिन की रिमांड हासिल की है। पुलिस अब उनसे सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट के तार कहाँ तक फैले हैं, इसका पता लगाया जा सके।
Cyber fraud : अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकान्त शर्मा ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि पूछताछ में इस ठगी में शामिल अन्य आरोपियों और उनके modus operandi (कार्यप्रणाली) के संबंध में बड़े खुलासे होने की प्रबल संभावना है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कॉलर या डिजिटल माध्यम से किए गए फर्जी सरकारी दावों पर भरोसा न करें।









