Singrauli News: सिंगरौली में नगर निगम की दोहरी नीति..?गरीबों के घरों पर ही क्यों चल रहा बुलडोजर.? पूंजीपतियों के अवैध कब्ज़ों पर जिम्मेदार चुप…..

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Singrauli News: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में नगर पालिक निगम सिंगरौली की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालात ये हैं कि गरीब और साधारण परिवारों के आशियानों पर तो निगम की बुलडोज़र मशीन बिना देर किए चला दी जाती है, लेकिन वहीं बड़े पूंजीपतियों द्वारा किए गए खुलेआम अवैध अतिक्रमण पर अधिकारी मौन साधे हुए दिखाई भी नहीं देते हैं। शहर में यह चर्चा तेज़ है कि कहीं निगम की यह चुप्पी किसी “निजी लाभ” या “रिश्तेदारी के संरक्षण” का परिणाम तो नहीं?

Singrauli News: फुटपाथ से लेकर सड़क तक कब्ज़ा फिर भी कार्रवाई नहीं..

Singrauli News: सूत्रों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, बजरंग हीरो एजेंसी संचालक द्वारा फुटपाथ से लेकर मुख्य सड़क तक अवैध रूप से कब्ज़ा कर ढांचे खड़े कर लिए गए हैं। इतना ही नहीं, नगर निगम द्वारा पूर्व में बनाए गए ब्रिगेड को तोड़कर मॉडिफाई कर दिया गया है, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। यह निर्माण न सिर्फ ट्रैफिक बाधित करता है, बल्कि आम लोगों के आवागमन में भी भारी दिक्कतें पैदा कर रहा है। इसके बावजूद आश्चर्यजनक रूप से नगर निगम सिंगरौली के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं दिखते। यही वह दोहरी नीति है जिस पर लोग सवाल उठा रहे हैं।

Singrauli News: गरीबों पर सख्त, अमीरों पर रहम?

Singrauli News: स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जहां गरीबों के छोटे-छोटे घरों पर निगम की डोज़र मशीन तुरंत पहुंच जाती है, वहीं बड़े व्यापारियों और पूंजीपतियों के अवैध निर्माण को देखकर भी अधिकारी अनदेखा कर देते हैं। शहर के कई इलाकों में गरीब परिवारों के आशियानों को “अतिक्रमण” बताकर गिरा दिया गया, लेकिन जिन व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने खुलेआम सड़क पर कब्ज़ा कर रखा है, उन पर कार्रवाई को लेकर ‘मौन सहमति’ देखने को मिलती है। शहरभर में चर्चाएँ हैं कि कुछ अधिकारी खुद को इन पूंजीपतियों का रिश्तेदार बताते हैं, जबकि कुछ पर निजी लाभ के लिए संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं। इस कारण निगम की कार्रवाई पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

Singrauli News: जनता में बढ़ रहा आक्रोश

Singrauli News: लोगों का कहना है कि नगर निगम का यह रवैया अन्यायपूर्ण और पक्षपातपूर्ण है। जनमानस में यह धारणा तेजी से गहराती जा रही है कि निगम की मशीनें सिर्फ गरीबों के दरवाजे पर ही रुकती हैं, अमीरों के अवैध निर्माण देखकर भी वापस लौट जाती हैं। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि यदि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई होती है, तो वह सभी के लिए एक समान हो—चाहे वह गरीब हो या पूंजीपति। कानून की नज़र में सभी बराबर हैं, और यही सिद्धांत निगम की कार्यवाही में भी दिखना चाहिए।

Singrauli News: क्या अब जागेगा नगर निगम?

Singrauli News: अब सबकी निगाहें नगर पालिक निगम सिंगरौली के जिम्मेदार अधिकारियों पर टिकी हैं कि क्या वे इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे या फिर पूंजीपतियों को पहले की तरह छूट मिलती रहेगी। सवाल यह भी है कि क्या निगम इन आरोपों की जांच करेगा या फिर यह मुद्दा भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? नगर निगम सिंगरौली की छवि दांव पर है—देखना यह होगा कि अधिकारी सच्चाई के साथ खड़े होते हैं या फिर चुप्पी और समझौते का रास्ता चुनते हैं।

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