Indigo airline crisis : नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में जारी संकट का सीधा और व्यापक असर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। लगातार आठ दिनों से सैकड़ों उड़ानों के रद्द होने के कारण न केवल यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी है, बल्कि दिल्ली के व्यापारिक और पर्यटन सेक्टर को भी करारी चोट लगी है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने अनुमान लगाया है कि इंडिगो क्राइसिस से अकेले दिल्ली के कारोबार और पर्यटन उद्योग को अब तक 1000 करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान हो चुका है।
Indigo airline crisis : सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि इंडिगो एयरलाइंस की इस समस्या के चलते बीते 10 दिनों में दिल्ली में यात्रियों का फुटफॉल 25 फीसदी तक गिर गया है। इस गिरावट का सीधा असर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर पड़ा है। होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट्स और रिसॉर्ट्स की हजारों बुकिंग धड़ाधड़ कैंसिल हो चुकी हैं। यह मौसम व्यापारिक मेलों और पर्यटन का होता है, लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने से दिल्ली की बाजारों की रौनक छिनी है।
Indigo airline crisis : गोयल के अनुसार, सामान्य दिनों में दिल्ली एयरपोर्ट से प्रतिदिन 1.5 लाख से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं, जिनमें लगभग 50,000 व्यापारी और बिजनेसमैन होते हैं। लेकिन इस संकट के कारण व्यापारिक यात्रियों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है। प्रगति मैदान और आनंद मंडपम में आयोजित ऑटोमोबाइल, हैंडलूम, टेक्सटाइल, और ऑटो पार्ट्स की बड़ी प्रदर्शनियों में भी अनुमान के मुताबिक फुटफॉल नहीं दिखा, क्योंकि हजारों व्यापारियों और पर्यटकों की फ्लाइटें रद्द हो गईं।
Indigo airline crisis : ट्रेवल इंडस्ट्री से जुड़े मनोज ट्रेवल्स के डायरेक्टर मनोज खंडेलवाल ने बताया कि यह समय क्रिसमस और न्यू ईयर को लेकर पर्यटन का चरम मौसम होता है, लेकिन बुकिंग पर गंभीर असर पड़ा है। टूरिस्ट व्हीकल, गाइड और रेस्टोरेंट की बुकिंग कैंसिल हुई हैं। यहाँ तक कि डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे आयोजनों में भी भारी नुकसान हुआ, जहाँ मेहमान और कुछ मामलों में दूल्हा-दुल्हन के परिवार वाले तक नहीं पहुँच पाए। यह दिखाता है कि इंडिगो संकट का असर कितना बहुआयामी है।
Indigo airline crisis : इस परिचालन संकट का खामियाजा इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के निवेशकों को भी भुगतना पड़ा है। समस्या की शुरुआत से अब तक कंपनी के शेयर 12 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं, जिसके चलते कंपनी का मार्केट कैपिटल भी लगभग 40,000 करोड़ रुपये कम हो गया है। दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार और डीजीसीए की सख्ती के बावजूद, एयरलाइन का संचालन अभी भी पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाया है, जिससे दिल्ली के कारोबार जगत में चिंता बनी हुई है।











