मुर्शिदाबाद : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर आज ‘बाबरी मस्जिद शैली’ में मस्जिद का शिलान्यास करने जा रहे हैं। जैसे-जैसे समय नजदीक आ रहा है, क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई है और राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज पड़ गई है। हाईकोर्ट ने इस आयोजन में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद इलाके में माहौल और गरमा गया है।
सऊदी अरब से मौलवियों का आगमन, हजारों लोगों की भीड़ की तैयारी
कबीर ने दावा किया है कि शनिवार को मोरादघी के पास 25 बीघा जमीन पर करीब 3 लाख लोग जुटेंगे। इसके लिए 150×80 फीट का भव्य मंच, 3,000 स्वयंसेवक और अलग-अलग खानपान एजेंसियों को 40,000 बिरयानी पैकेट तैयार करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। आयोजन का कुल बजट लगभग 60 से 70 लाख रुपये बताया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, दो काज़ी सऊदी अरब से विशेष काफिले के साथ कार्यक्रम में शामिल होंगे।
हाईकोर्ट ने रोकने से किया इनकार
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि यह आयोजन स्थानीय साम्प्रदायिक माहौल को बिगाड़ सकता है, लेकिन कलकत्ता हाई कोर्ट ने आयोजन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि यदि कानून व्यवस्था बिगड़ती है, तो राज्य सरकार इसकी जिम्मेदार होगी।
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि धार्मिक गतिविधियों में बाधा नहीं डाली जाएगी, परंतु राज्य को कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
बीजेपी की धमकी—“बाबर के पास भेज देंगे”
बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने कबीर को खुली चेतावनी देते हुए कहा,“अगर वह बाबरी मस्जिद जैसी संरचना खड़ी करेंगे, तो उन्हें बाबर के पास भेज देंगे।”इस बयान के चलते राज्य में तनाव और बढ़ गया है। राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने अपील की है कि लोग अफवाहों या भड़काऊ बयानों में न आएं, और उन्होंने तत्काल 24×7 मॉनिटरिंग सेल भी स्थापित किया है।
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कौन हैं हुमायूं कबीर?—राजनीति में हमेशा विवादों से घिरे रहे
कबीर का राजनीतिक करियर हमेशा विवादों में घिरा रहा है। वह कभी ममता बनर्जी की कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं, फिर निष्कासित हुए, भाजपा में गए, फिर टीएमसी में लौटे। हाल ही में 70:30 विवादित बयान और अभिषेक बनर्जी पर टिप्पणी के बाद उन्हें पार्टी ने फिर सस्पेंड कर दिया।आज हो रहा यह कार्यक्रम उनके राजनीतिक भविष्य और क्षेत्र की संवेदनशीलता दोनों पर बड़ा असर डाल सकता है।













