रायपुर : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के घने केशकुतुल जंगल में बुधवार को हुई बड़ी मुठभेड़ के बाद नक्सलियों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 18 हो गया है। सुरक्षा बलों को देर शाम तक सभी शव मिल गए थे। इलाके में अभी भी सर्चिंग अभियान जारी है, ताकि संभावित छिपे हुए नक्सलियों और विस्फोटक सामग्री का पता लगाया जा सके।
पुलिस इन शवों की पहचान कर रही है और आधिकारिक सूची एसपी द्वारा जारी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ क्षेत्र में बड़ी मात्रा में हथियार और नक्सली सामग्री बरामद हुई है, जो अभियान की महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।
मुठभेड़ में शहीद हुए तीन वीर जवान
इस ऑपरेशन में DRG के तीन बहादुर जवान—प्रधान आरक्षक मोनू मोहन बड़डी, आरक्षक दुकारू गोंडे और जवान रमेश सोड़ी वीरगति को प्राप्त हुए। तीनों जवानों के पार्थिव शरीर को बीजापुर पुलिस लाइन की “शहीद वाटिका” में अंतिम सलामी दी गई। भावुक माहौल में वरिष्ठ अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सुरक्षा बलों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने की बहादुरी की सराहना
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवानों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान लगातार तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और सुरक्षा बल मजबूती से लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि “तीन जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है, हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए हैं, यह सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता है।”
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी श्रद्धांजलि दी और कहा कि नक्सली वारदात “कायराना हरकत” है। उन्होंने कहा, “हमारे जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। अभियान और तेज होगा।”
Read More : Naxal Attack : बीजापुर में नक्सलियों संग घमासान जारी, शहीद वीरों को आज अंतिम वीर-विदाई
लगातार सफल हो रहे ऑपरेशन
पिछले एक माह में बीजापुर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों ने कई सफल ऑपरेशन चलाए हैं। नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए DRG, CRPF और STF संयुक्त रूप से गहन सर्चिंग और हॉटस्पॉट एरिया में पैठ बनाकर कार्रवाई कर रहे हैं। बुधवार की मुठभेड़ नक्सलियों के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।











