नई दिल्ली : बुधवार सुबह देश के कई प्रमुख एयरपोर्ट्स पर बड़े पैमाने पर तकनीकी गड़बड़ी सामने आई, जिसके कारण चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम अचानक ठप पड़ गया। बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली जैसे बड़े एयरपोर्ट्स में यात्रियों को घंटों तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा और कई उड़ानों के संचालन पर गंभीर असर देखने को मिला।
बेंगलुरु में सबसे बड़ा असर, 42 फ्लाइट्स रद्द
बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चेक-इन सिस्टम के फेल होने से हड़कंप मच गया। देरी बढ़ने के कारण 42 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिनमें 22 आगमन और 20 प्रस्थान वाली फ्लाइट्स शामिल थीं। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी परेशानी साझा की और एयरपोर्ट प्रबंधन से स्पष्टीकरण की मांग की।
दिल्ली एयरपोर्ट पर मैन्युअल चेक-इन लागू
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंडिगो, स्पाइसजेट, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस की चेक-इन सेवाएं सबसे अधिक प्रभावित रहीं। सिस्टम बंद होने के बाद एयरलाइंस को तुरंत मैन्युअल चेक-इन शुरू करना पड़ा।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बयान जारी किया कि “हमारी टीमें यात्रियों को न्यूनतम परेशानी सुनिश्चित करने के लिए समन्वय में काम कर रही हैं।”
हैदराबाद एयरपोर्ट पर भारी भीड़, कई फ्लाइट्स लेट
हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं। इंडिगो एयरलाइंस ने बयान जारी कर बताया कि तकनीकी समस्या और भीड़ के कारण कई फ्लाइट्स में देरी हुई और कुछ रद्द करनी पड़ीं।
माइक्रोसॉफ्ट आउटेज की रिपोर्ट पर कंपनी ने दी सफाई
कई यात्रियों को एयरपोर्ट स्टाफ ने बताया कि सिस्टम फेलियर माइक्रोसॉफ्ट विंडोज की वैश्विक आउटेज के कारण हुआ है।हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने तुरंत बयान जारी कर इन रिपोर्ट्स को “पूरी तरह फर्जी” बताया।
बीते दिनों दिल्ली एयरस्पेस में GPS स्पूफिंग अलर्ट
बीते 5 नवंबर को दिल्ली एयरस्पेस में GPS स्पूफिंग की घटना दर्ज की गई थी, जिसमें कई विमानों को गलत नेविगेशन सिग्नल मिले थे। इसके बाद 1 दिसंबर को नागरिक उड्डयन मंत्री ने संसद में पुष्टि करते हुए बताया था कि बैकअप सिस्टम के कारण स्थिति को संभाल लिया गया था।देशभर में लगातार बढ़ रहे तकनीकी और साइबर खतरों को देखते हुए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया अब उन्नत साइबर सुरक्षा उपायों पर फोकस कर रहा है।











