Sanchar Saathi’ App : सरकार ने हटाई ‘संचार साथी’ ऐप की प्री-इंस्टॉलेशन अनिवार्यता, बढ़ती स्वीकार्यता के बाद लिया फैसला

0
302

Sanchar Saathi’ App : नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने साइबर सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सभी स्मार्टफ़ोन में संचार साथी ऐप को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य करने का अपना फैसला वापस ले लिया है। सरकार ने यह निर्णय ऐप की बढ़ती स्वीकार्यता और लोगों द्वारा इसे तेजी से डाउनलोड किए जाने के बाद लिया है।Sanchar Saathi App:एक दिन में 10 गुना बढ़े डाउनलोड, विवाद के बीच जनता से  मिला बड़ा रिस्पॉन्स - Sanchar Saathi App Downloads Rise 10 Times In A  Single Day - Amar Ujala

Sanchar Saathi’ App : साइबर सुरक्षा के लिए विकसित किया गया था ऐप

संचार साथी ऐप को पूरी तरह से सुरक्षित बताया गया है और इसे विशेष रूप से साइबर दुनिया के खतरनाक तत्वों से लोगों को बचाने के लिए विकसित किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया था कि इस ऐप का उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के अलावा कोई अन्य इस्तेमाल नहीं है और लोग जब चाहें तब इसे हटा सकते हैं। यह ऐप उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के साथ ही लोगों को साइबर अपराधियों की हरकतों की सूचना देने के लिए जनभागीदारी में भी सहायक है।

Sanchar Saathi’ App : एक दिन में छह लाख पंजीकरण, उपयोग में 10 गुना वृद्धि

सरकार ने बताया कि इस ऐप को अब तक 1.4 करोड़ उपयोगकर्ता डाउनलोड कर चुके हैं। यह ऐप हर दिन धोखाधड़ी की दो हजार कोशिशों की सूचना देकर उन्हें नाकाम करने में योगदान दे रहा है। ऐप को अनिवार्य रूप से इंस्टॉल करने का आदेश इसलिए दिया गया था ताकि कम जागरूक लोगों तक भी ऐप को सुगमता से सुलभ बनाया जा सके और डाउनलोड प्रक्रिया में तेज़ी आए। पिछले एक दिन में ही, छह लाख लोगों ने संचार साथी ऐप डाउनलोड करने के लिए पंजीकरण कराया है, जो इसके उपयोग में 10 गुना वृद्धि को दर्शाता है। यह आँकड़ा ऐप के माध्यम से लोगों को प्रदान की गई आत्म-सुरक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।Sanchar Saathi App:एक दिन में 10 गुना बढ़े डाउनलोड, विवाद के बीच जनता से  मिला बड़ा रिस्पॉन्स - Sanchar Saathi App Downloads Rise 10 Times In A  Single Day - Amar Ujala

Sanchar Saathi’ App : अनिवार्यता हटाने का निर्णय

संचार साथी की बढ़ती स्वीकार्यता और लोगों के बीच इसकी उपयोगिता को देखते हुए, सरकार ने मोबाइल निर्माताओं के लिए इस ऐप का प्री-इंस्टॉलेशन अब अनिवार्य न बनाने का निर्णय लिया है। सरकार का यह कदम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ने और ऐप के स्वैच्छिक उपयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here