Indore land fraud इंदौर। इंदौर की तुकोगंज थाना पुलिस ने एक साल पहले दर्ज की गई एक शिकायत के आधार पर जमीन धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। जाँच में सामने आया है कि एक प्रॉपर्टी ब्रोकर ने अपने साथियों और एक पटवारी के साथ मिलकर जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार किए और करीब चार करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने अब तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
Indore land fraud : फर्जी एग्रीमेंट बनाकर की ठगी
दरअसल, शहर के प्रॉपर्टी ब्रोकर अनिल बोहरा ने अपने साथी और कथित पार्टनर पटवारी रामगोपाल रातडिया तथा देवीसिंह सिकरवार के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से करोड़ों रुपये की ठगी की। शिकायतकर्ता विजय भट्ट ने आरोप लगाया कि अनिल बोहरा ने 31 दिसंबर 2022 को किसान अब्दुल रईस के नाम से फर्जी हस्ताक्षर और जाली स्टाम्प पर जमीन बेचने के लिए एग्रीमेंट तैयार किए।
Indore land fraud : इस फर्जी एग्रीमेंट के आधार पर, बोहरा ने 3.378 हेक्टेयर भूमि का सौदा 4 करोड़ रुपये में होना बताया और झूठा दावा किया कि उसने किसान रईस को 1.01 करोड़ रुपये दे दिए हैं। इसी झांसे में आकर, आरोपी ने फरवरी 2023 से दिसंबर 2023 के बीच शिकायतकर्ता विजय भट्ट से चेक, RTGS और नकद के माध्यम से कुल 2 करोड़ 2 लाख रुपये वसूल लिए।
Indore land fraud : पटवारी की सक्रिय भूमिका, जमीन की रजिस्ट्री अन्य के नाम
फरियादी को बाद में पता चला कि जिस जमीन का सौदा उससे किया गया था, उसी जमीन की रजिस्ट्री आरोपी ने षड्यंत्रपूर्वक अन्य पक्षों अभय लुनावत व देवीसिंह के नाम करा दी है। शिकायत के बाद जब तुकोगंज पुलिस ने जाँच शुरू की, तो यह भी सामने आया कि क्षेत्रीय पटवारी रामगोपाल रातडिया ने इस अवैध लेन-देन में सक्रिय भूमिका निभाई। यहाँ तक कि पटवारी ने 9 लाख रुपये का चेक स्वयं लेकर किसान को दिया था।
तुकोगंज थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव (बाइट) ने बताया कि पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कूटरचना, धोखाधड़ी और षड्यंत्र की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कह रही है।













