Mahakaleshwar Bhasma Aarti Ujjain : उज्जैन (मध्यप्रदेश): भगवान महाकाल की पावन नगरी ने सोमवार की अलसुबह एक बार फिर वह दिव्यता महसूस की, जब विश्वप्रसिद्ध भस्म आरती के दौरान पूरा महाकालेश्वर मंदिर परिसर अद्भुत ऊर्जा और शिवभक्ति से भर गया। सुबह ठीक 4 बजे आरती के प्रारंभ होते ही “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस दुर्लभ अनुष्ठान का साक्षी बन स्वयं को सौभाग्यशाली माना।
Mahakaleshwar Bhasma Aarti Ujjain : दिव्य भस्म श्रृंगार ने बढ़ाई श्रद्धा की चमक
Mahakaleshwar Bhasma Aarti Ujjain : परम्परागत वैदिक विधि के अनुसार सम्पन्न अभिषेक में शिवलिंग को जल, दूध, दही, शहद, घी और पंचामृत से स्नान कराकर विशेष भस्म से श्रृंगार किया गया। यह आरती की सबसे महत्वपूर्ण परंपरा मानी जाती है। रुद्राष्टक, शिव तांडव स्तोत्र और रुद्रपाठ के मंत्रोच्चार ने गर्भगृह में ऐसी आध्यात्मिक तरंगें प्रवाहित कीं, जिससे हर शिवभक्त के मन में शिवत्व का अनुभव जागृत होता रहा।
Mahakaleshwar Bhasma Aarti Ujjain : देशभर से उमड़ते भक्त, प्रथम दर्शन के लिए रातभर इंतज़ार
Mahakaleshwar Bhasma Aarti Ujjain : भस्म आरती की ख्याति पूरे भारत में फैली हुई है। इसी कारण महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत दक्षिण भारत से भी भक्तों का बड़ा जनसैलाब उज्जैन पहुँचता रहा। कई श्रद्धालु देर रात से ही कतारों में खड़े रहे ताकि उन्हें निकट से दर्शन का सौभाग्य मिल सके। भीड़ को सुव्यवस्थित रखने के लिए मंदिर और प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्थाएँ कीं, जिससे दर्शन निर्बाध रहे।
Mahakaleshwar Bhasma Aarti Ujjain : डिजिटल माध्यमों ने बनाए आरती से वैश्विक जुड़ाव
Mahakaleshwar Bhasma Aarti Ujjain : हालाँकि हर कोई उज्जैन नहीं पहुँच पाया, लेकिन मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के जरिए लाखों भक्तों ने लाइव प्रसारण देखकर इस पावन अनुष्ठान का हिस्सा बनना सुनिश्चित किया। विदेशों में बसे भारतीयों ने भी तकनीक के माध्यम से यह आध्यात्मिक अनुभव पाया, जिससे परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिला।













